सोमवार, अक्तूबर 23, 2006

आपके चिट्ठे का भविष्यफल क्या है?

हिन्दी चिट्ठों का राशिफल :

दीपावली पर तमाम चिट्ठाकार दीवाली मनाते, एक दूसरे को ई-बधाइयाँ देते व वर्चुअल मिठाइयाँ खिलाने में इतने मशगूल रहे कि चिट्ठाचर्चा के लिए चिट्ठों की कमी पड़ गई. इस बीच प्रतीक के हिन्दी ब्लॉग पर नजर पड़ी जिसमें चिट्ठाकारों का भविष्य बताया गया था. उसे पढ़कर मुझे मेरा भविष्य घोर अंधकारमय नजर आया, और इससे पहले कि मैं कोई ग्रह शांति का उपाय उससे उबरने का करता, मैंने अपने चिट्ठों के भविष्य जानने की कोशिश की. मेरे चिट्ठों का भविष्य क्या होगा यह तो मैं बता नहीं सकता, परंतु हिन्दी के अन्य तमाम चिट्ठों के महान भविष्य के बारे में भी बातों बातों में पता चल गया. तो अगर आपके पास (अपने चिट्ठे के भविष्य की चिंता करने का) कुछ समय है तो आप भी बांच लें:

ॐ श्री गणेशाय नमः । गणेशा (यहाँ वर्तनी की गलती नहीं है, मैंने वैसा ही, 'सही' लिखा है जैसा बेजान दारूवाला अपनी भविष्यवाणियों में लंबोदर भगवान के लिए उच्चारित करते हैं.) कहते हैं यह वर्ष हिन्दी चिट्ठाकारों के लिए टिप्पणियों की सुख समृद्धि लेकर आएगा. सुख समृद्धि इस मामले में कि हिन्दी चिट्ठों को नक़ली जीतू टाइप ढेरों टिप्पणियाँ मिलेंगीं. परंतु कुछ चिट्ठों को प्रसिद्धि पाने के लिए, ग्रह शांति निमित्त अपने मन की बातों को परंपरा से बाहर जाकर लिखना होगा.

गणेशा कहते हैं कि अगर हिन्दी ब्लॉग पर मासिक के बजाए प्रतिदिन दैनिक राशिफल हो तो इस चिट्ठे के पाठकों की संख्या में न सिर्फ दिन दूनी रात चौगुनी वृद्धि होगी, बल्कि इसे एक गली के दिमाग वाली लंदन की लड़की के चिट्ठे (http://girlwithaonetrackmind.blogspot.com/)# जैसी प्रसिद्धि भी मिलेगी - यानी कि इसे महीने के एक लाख पाठक तो मिलेंगे ही, टाइम्स ऑव इंडिया के रविवारीय पृष्ठों पर भी जगह मिलेगी, और ये हर दिन दीवाली मना सकेंगे.

गणेशा का विचार है कि हिन्दी साहित्य पर जापानी साहित्य-तकनीक का हमला और तेज होगा और इस तरह हिन्दी के बहुत से साहित्यकार इंटरनेट पर आएंगे और हिन्दी साहित्य के वैश्वीकरण का दौर तेजी पकड़ेगा. कविताओं गीतों की तेज़ी तो बनी रहेगी परंतु किस्से कहानियों में खासी मंदी रहेगी. चिट्ठों में उपन्यास तो मृतप्रायः ही रहेगा.

गणेशा बताते हैं कि इंटरनेट पर इंपासिबल इज़ नथिंग कहने वाले और भी बहुत सारे लोग आएंगे (http://www.sarojinisahoo.blogspot.com/)#, और हिन्दी चिट्ठों में भी अवतरित (http://sexkya.blogspot.com/)# होंगे. अब इनका भविष्य, गणेशा के अनुसार, इंपासिबल टू प्रेडिक्ट है. कोई क्लिक करेगा कोई मिस करेगा. यानी इनका राशिफल, इनका भविष्य टोटल रेंडम रहेगा. हाँ, भारतीय सांस्कृतिक संरक्षकों व अंधा कानून की वक्र दृष्टि ऐसे चिट्ठाकारों पर अवश्य पड़ सकती है.

जो चिट्ठाकार यह सोचते हैं कि क्या दीवाली क्या ईद? , उनके लिए गणेशा का कहना है कि वे ग्रह शांति का कोई उपाय करें, अन्यथा उनका चिट्ठा भले ही लोकप्रियता के नए पायदान छूने लगे, उनके गृह पर अशांति छा सकती है - घोर अशांति. सिद्ध उपाय के लिए टोने टोटके को खंगाला जा सकता है.

गणेशा आगे भविष्य में देखते हुए बताते हैं कि हिन्दी चिट्ठाकारों की भाषा संबंधी समस्या इस वर्ष भी अच्छी खासी बनी रहेगी. इसका हल, गणेशा बताते हैं कि प्राथमिक शिक्षा में अधिक से अधिक भाषाओं को अपना कर ही पूरा किया जा सकता है. चिट्ठाकारों को दुबारा प्राथमिक शिक्षा में भेजना चाहिए - यह गणेशा का मंतव्य है.

गणेशा गंभीर हैं. चिट्ठाकारों में गब्बर सिंह पैदा हो सकते हैं जो आपके बहुमूल्य समय को अच्छा खासा नष्ट कर सकने की कूवत रखते हैं. ऐसे में इन औषधियों की कुछ चुटकियाँ अवश्य ही बेहतर इलाज होगा.

गणेशा का कहना है यह तो हो ही नहीं सकता कि सभी जन सुखी हों . हिन्दी चिट्ठा संसार में भी सुख दुःख समान होगा. हाँ, सुख बांटने व सुख बढ़ाने के लिए बधाई , मंगल कामना , शुभकामना , मुबारकबाद और अभिनंदन का दौर तो जारी रहना ही चाहिए, सराहना , प्रशंसा , बखान , और तारीफ भी चलते रहना चाहिए.

गणेशा यह नहीं बता पाते हैं - हर बार की तरह दीवाली में लोगों ने अपने घरों के दीवालों पर खूब रौशनी की, पर क्या वे अपने अंदर प्रेम और भाईचारे का दीया जला पाने में सक्षम हुए या नहीं? उनके भीतर प्रेम और भाईचारे का दीया जलाने लायक तेल बचा भी है या नहीं. गणेशा क्षमा मांगते हुए अपना मुँह बन्द कर लेते हैं.

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बाप रे! इतने सारे कद्दू!

व्यंज़ल
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घर की दीवारों का कोई कोना छोड़ा नहीं

पर अपने भीतर का दीप ही जलाया नहीं

एक यही काम तो करते आए हैं अब तक

अपनी दीवाली देखी औरों का दीवाला नहीं

यूँ तो सबने बुलाया था बड़े मिन्नतों से

जलसे में जाने का कभी मैंने विचारा नहीं

सुख की तलाश में भटकते रहे तमाम उम्र

कदाचित हाथ में हासिल थे उसे पाया नहीं

खुशियाँ ढूंढता फिरता रहा हर जगह रवि

खुद पे खुश होने का क्यों कभी सोचा नहीं

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(चित्र - सात समन्दर पार से) टीप : कृपया ध्यान दें - '#' चिह्नित चिट्ठों में वयस्क सामग्री है, अतः इनमें क्लिक करने योग्य कड़ियां नहीं दी गई हैं.

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3 टिप्‍पणियां:

  1. रवि भाई, लगता है कि हिन्‍दी राशिफल के धन्‍धे में बेजान रतलामवाला से कड़ी चुनौती मिलने वाली है, कुछ और काम की जुगाड़ खोजनी पड़ेगी। :-)

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  2. ये बढ़िया हिसाब है. वयस्क चिट्ठे का लिंक पहले दिया और उसके बारे में चेतावनी एकदम आखिरी में.

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  3. ...ये बढ़िया हिसाब है. वयस्क चिट्ठे का लिंक पहले दिया और उसके बारे में चेतावनी एकदम आखिरी में. ...

    जमाना ही फ़ाइन प्रिंट का है... :)

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