चर्चा में केवल एक लाईना
Wednesday, October 28, 2009
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- रामप्यारी का सवाल : मुझे राष्ट्रीय संगोष्ठी में क्यों नहीं बुलाया गया?
- इलाहाबाद से ’ई’गायब :ब्लाग थाने ने रपट लिखने से इंकार किया
- आखिर ब्लॉगर हैं..हर स्थिति में अपना झंडा गडेगा ही. : झंडा बायें कोने में सबसे ऊपर लगाना ताकि उसका अपमान न हो
- कब आ रही हो!!:चाय चढ़ा दें तुम्हारे लिये?
- बहस कम , चर्चे ज्यादा प्रश्न कम , पर्चे ज्यादा :वो तो ठीक है लेकिन उन दो को क्यों छोड़ दिया?
- जा कर दिया आजाद तुझे : अब अगली संगोष्ठी में मिलना
- ब्लॉगर खाया हो या न हो, अघाया जरूर होता है : उसे हाजमोला का डब्बा दे दो
- डाक्टर, ज्योतिषी और वकील खामोखाँ नहीं डराते: वे तो खाली घर-कपड़े बिकवाते हैं
- इस पोस्ट को न पढ़ें...खुशदीप:चलो नहीं पढ़ते। लेकिन शीर्षक तो बांच सकते हैं।
- गांव में चलते हैं छ: और सात रुपये के नोट : अभी शहर नहीं पहुंचे
- प्रसिद्ध लेखकों के अजब टोटके : टोटके अपनायें प्रसिद्ध हो जायें
- अखबारों ने फर्जी खबरे छपी : और सिद्ध किया कि वे अखबार ही हैं
- आइए आज शाम को ऑनलाइन सीखें कि विंडोज़ 7 पर हिन्दी में काम कैसे करें : हिंदूवादियों और मार्क्सवादियों के लिये समय एक ही रहेगा कि अलग-अलग?
स्वप्न तुम्हारे आकर जब से चूम गये मेरी पलकों को :पलकें मुंदी-मुंदी से मुस्काती देख रही अलकों को- मुख्यमंत्री द्वारा हीरा सेम्पल प्रोसेसिंग प्लांट का उद्घाटन :मख्य मंत्री की कैसे हिम्मत हुई यह करने की? क्या सब जौहरी मर गये थे?
- हे भीष्म पितामह, हम ब्लॉगर नहीं, पर वहां थे…: आपको पितामह को नहीं भष्मासुर को रिपोर्ट करना है। अब वे आपके बॉस हैं!
- हाँकोगे तो हाँफोगे :ग्राहक की संतुष्टि में ही निष्पत्ति है।



अनूप जी एक लाईना
देखन में छोटे लगे घाव करे गंभीर ..!!
टिप्पणी में भी एक लाइना..
"क्या एल.पी.जी. गैस हो गयी ख़तम, चर्चा हो गयी इतनी कम.." :)
रपट डायरेक्ट इंटर्पोल पहुँच गई है।
@
आइए आज शाम को ऑनलाइन सीखें कि विंडोज़ 7 पर हिन्दी में काम कैसे करें : हिंदूवादियों और मार्क्सवादियों के लिये समय एक ही रहेगा कि अलग-अलग?
इसे तेरहवें नम्बर पर जान बूझ कर रखे या संयोगात ही। हम सीखेंगे इंटर्वल में !
बहुत संक्षिप्त चर्चा है।
एसएलएम यानी सिंगल लाईन मिसाईल टारगेट पर रही।
चर्चा में केवल एक लाईना शब्द इलाहाबाद मे रहगये
behatareen charcha....
अच्छा...नया अन्दाज़? अच्छा लगा ये भी..
हिंदूवादियों और मार्क्सवादियों के लिये समय एक ही रहेगा कि अलग-अलग?
यह तो इस पर डिपेंड करेगा कि किलास कौन ले रहे हैं- नामवरजी या अशोक वाजपेयी जी:)
cmpershad से सहमत… :)
एक नाम मेरी तरफ़ से भी, कि विंडोज़ 7 की क्लास अरुण शौरी लेंगे तो आते हैं… :)
DHaardaar ek laaina....
अच्छी है.
on one corner of the template i found the information that Dr Amar was responsible for this change in the template
So i wish to congratulate him for the same
कमाल है जी एकदमे कमाल है ..बहुते बढिया रहा ई प्रयोग
हम से इस महाकुम्भ की महाचर्चा में एक लाइन भी नहीं बन पायी, आप लाइन पर लाइन दिए जाते हैं। बैडलक ही खराब है स्सा...**।
आज चर्चा में शिर्फ़ एक लाइना : एक आइना
बदलाव अच्छा लगा ।
Great !!
ये चर्चा भी बढ़िया रही :)
badhiya charcha sir
बेहतरीन!
यह क्या टेम्पलेट है? कापी-पेस्ट नहीं करने देता!
EK EK LINA KAMAL KI PRASTUTI HAI ....BADHIYA!
वन लाइन वेरी फाइन ।
वाह भी वाह !!!!
जो बात चार लाईना में नही कह सके वो.....यहाँ इक लाइना में kah deye yah ....:))