०४-११-२००९

फ़ूलों में मगरूरी रही होगी पत्थरों की भी मजबूरी रही होगी

आज की शुरुआत अर्कजेश की  गजल से (पता नहीं बहर में है कि नहीं) लेकिन जम रही है तो शुरुआत में ही जमा रहे हैं। साथ में गीतकार विनोद श्रीवास्तव की कविता पंक्तियां हैं:

फ़ूलों में मगरूरी रही होगी।

पत्थरों की भी मजबूरी रही होगी।

पछता सके न लड़कर भी जब

रिश्तों में बहुत दूरी रही होगी।  -अर्कजेश

धर्म छोटे-बड़े नहीं होते

जानते तो लड़े नहीं होते

चोट तो फ़ूल से भी लगती है

सिर्फ़ पत्थर कड़े नहीं होते।  विनोद श्रीवास्तव
 

आजकल राजस्थान के हाल-बेहाल हैं। जयपुर सुलग रहा है। उधर कोटा में द्विवेदीजी को सात घंटे प्लेटफ़ार्म पर रहना पड़ा। बताइये इसपर भी पोस्ट नहीं लिखेंगे वकील साहब तो किस पर लिखेंगे। प्लेटफ़ार्म की कहानी तो आप उनके ही ब्लाग पर देखिये यहां सिर्फ़ यह देखिये कि सात घंटे बाद क्या हुआ:प्लेटफार्म पर टहलने के कारण पिंडलियाँ बुरी तरह दर्द कर रही थीं। शोभा से पूछा तो उस का भी यही हाल था। मैं ने उसे बताया कि घर पहुँचते ही अदरक वाली गर्म कॉफी पिएंगे उस के बाद एकोनाइट-200 की एक-एक खुराक खा कर सोएँगे। घर पहुँचने पर यह सब किया, फिर गृहणी तो घर संभालने में लगी। मैं ने दिन के काम की रूप रेखा देखी और पीछे के कमरे में कंबल ओढ़ कर सो गया। 

यहां यह खुलासा नहीं किया गया है कि अदरख की चाय किसने बनाई? जब पता चलेगा तब स्त्री विमर्श के नये आयाम खुलेंगे और सुजाता की बहस आगे बढ़ेगी जिसमें उन्होंने लिखा था- एक रसोई रिश्तो की असमानता की आधारभूमि है। इसे नष्ट नही किया जा सकता तो इसमे नष्ट होने वाली ज़िन्दगियो को तो बचा ही सकते है।

अनुराग आर्य गये थे कश्मीर गौतम राजरिशी को देखने। लौटकर कश्मीर के किस्से सुनाये उन्होंने। वे बताते हैं वहां के

जीवन के बारे में: यूँ भी  देश के इस हिस्से में जब आप आते है तो आपके पास ढेरो सवाल होते है……कश्मीर के हर आदमी से आप एक सवाल  पूछना चाहते है  ......छतो पर से  डिश एंटीना झांकते दिखते है .सड़क किनारे अपने बेटे का हाथ पकड़ कर स्कूल बस का इंतज़ार करता पिता .रात की नींद की खुमारी  को तोड़ने के लिए उबासी लेते दुकानदार .. ... कुल मिलाकर   सुबह किसी शहर की आम सुबह की माफिक है बस हवा थोडी सर्द है ओर सूरज थोडा ज्यादा हसीन.....

डा.अनुराग खूबसूरत कश्मीरी लड़कियों  जो न जाने कितनी  मोडलो को इन्फीरियरटी कोम्प्लेक्स दे सकती है को देखने के चक्कर में मेजर गौतम के हाथ पर चढ़े प्लास्टर पर बेस्ट आफ लक लिखना भूल जाते हैं और उसकी भरपाई फ़राज के शेर से करते हैं:

"बजाहिर एक ही शब है फराके -यार मगर

    कोई गुजारने बैठे तो उम्र सारी लगी "

देश के महान वैज्ञानिक डा.होमी जहांगीर भाभा के बारे में जानिये मनोज बिजनौरी से:

सन १९४० में भाभा जी ने इंडियन इंस्टिट्यूट ऑफ़ साइंस बंगलोर ज्वाइन किया और वहां पर अपने रिसर्च वर्क कॉस्मिक रेज एक्सपेरिमेंट को एक्स्प्लेन किया। उस समय इंडियन इंस्टिट्यूट ऑफ़ साइंस के निर्देशक चंद्रशेखर वेंकट रमन थे। तब भारत में ऐसे इंस्टिट्यूट नही थे, जिनमे न्युक्लिअर फिजिक्स, कॉस्मिक रेज पर रिसर्च वर्क हो सके। तब भाभा जी ने इंडिया में रिसर्च इंस्टिट्यूट टाटा इंस्टिट्यूट ऑफ़ रिसर्च और भाभा एटॉमिक रिसर्च सेण्टर को स्थापित किया । भाभा जी का देहांत सन १९६६ में हो गया पर हम उनके न्युक्लिअर साइंस में योगदान को नही भुला सकते।

 

नीरज रोहिल्ला आज की ज्ञानजी की पोस्ट पर अपनी टिप्पणी करते हैं( वैसे इस पोस्ट में और भी बहुत कुछ है:मसलन नत्तू पाण्डेय हैं, अतिथि पोस्ट है और हैं ज्ञानजी को मिले 500,000.00 डॉलर! लपक लीजिये।

प्रश्न पूछना बडा मुश्किल कार्य है। हमारे डिपार्टमेंट के साप्ताहिक सेमिनार के अन्त में जब कभी कोई सवाल नहीं पूछता है तो आत्मा पे बोझ आता है कि ठीक से सुना होता तो शायद पूछ लेते।
आज आन द रेकार्ड कह रहे हैं, कई बार ऐसा हुआ है कि किसी ने प्रश्न पूछा और हमें लगा कि ये कैसा फ़िजूल का प्रश्न है, लेकिन सामने वाले ने जब उसका उत्तर दिया तो लगा कि प्रश्न गहरा था हम ही समझ नहीं पाये। कई बार पूरा सेमिनार ध्यान से सुनने के बाद भी प्रश्न नहीं सूझता या पूछने में संकोच रहता है।
इसी पर हमारे एक प्रोफ़ेसर का कथन याद आ गया, There are no stupid questions. Only stupid answers I might give.
चलिये इस गुरूवार को होने वाले सेमिनार में हम भी पूरे ध्यान से सुनेंगे और एक प्रश्न पूछने का प्रयास करेंगे।

एक जरूरी पोस्ट- दूर तक देखने वाला वह गुमनाम शराबी

एक लाईना

१. रेलवे प्लेटफॉर्म पर ठण्ड में सात घंटे: बिताकर खिझा दिया न मन समीरलाल का

२. हंसता हुआ वाम बुद्धिजीवी..: अजदक के ब्लाग पर मिला

३. एक बहुत ही कठीन सवाल पूछ रहा हूं आपसे जो मुझसे पूछा गया था और जिसका जवाब मैं अभी तक़ खोज रहा हूं।: हमें अकेले कुछ भी परेशान होने  की आदत नहीं सो आपको भी कर रहा हूं।

४. शाहरूख खान बनेंगे, पाबला परिवार के पड़ोसी !?: अब आयेंगे होश ठिकाने किंग खान के।

५. मुझे ही मनाना है मम्मी का जन्मदिन...: जिम्मेदारी के यही नुकसान हैं।

६. तुम सुन रहे हो न ?: ये मुआ मोबाइल नखरे करता है। बदलना है।

७.  केवल गम्भीर चिंता करने वाले चिंतक ही इसे पढ़ें - शरद कोकास: और बाकी लोग इसे अपनी जिम्मेदारी पर बांचे।

८.

मेरी पसन्द

सूनी घाटी पर्वत पर्वत
दरिया सा भटका करता हूँ
किसी मुहाने पल भर रुक कर
जाने ख़ुद से क्या कहता हूँ
तुमसे जुदा कैसे हो जाऊं
मैं तुम में तुम सा रहता हूँ
आँसू की फितरत खो जाना
मैं गम को ढूँढा करता हूँ
जख्म टीसते हैं सदियों के
नीम बेहोश सदा रहता हूँ
जली हुयी अपनी बस्ती में
चलता हूँ, गिरता ढहता हूँ
घुटी हुयी लगती हैं साँसे
ख़ुद से जब तनहा मिलता हूँ
ख़त्म हो गई चाँद की बातें
चुप उसको ताका करता हूँ
मर जाना भी काम ही है एक
बरहाल, जिन्दा रहता हूँ

पूजा उपाध्याय

यह तो हुई उत्खनन की बात लेकिन यह बताइये कि क्या हम लोग इन वस्तुओं की कीमत समझते हैं । मन्दसौर के शिवलिंग के बारे में कहा जाता है कि उत्खनन से पूर्व वह तालाब में आधा गड़ा हुआ था और उस पर कपड़े  धोये जाते थे । अभी भी कई पुरातात्विक महत्व के स्थानों पर आसपास के गाँवों के लोग अनजाने में वस्तुएँ उठा ले जाते हैं । मूर्तियाँ घर में ,मन्दिर में रखकर उनकी पूजा की जाती है जबकि यही वस्तुएँ म्यूज़ियम में रहें तो सभी लोग उसे देख सकें ।व्यक्तिगत संग्रह की प्रवृत्ति हमें ऐसी है कि हम लोग जब किसी पुरातात्विक महत्व के स्थान पर जाते हैं तो हमारा मन नहीं करता कि कोई वस्तु उठाकर अपनी जेब में डाल लें ? गनीमत है कि म्यूज़ियम और ऐसे ही अन्य स्थानों पर कड़ा पहरा रहता है अन्यथा हमारे दिमाग़ में यह ख्याल तो आता ही है कि हमारे ड्राइंगरूम में यह वस्तु कैसी लगती ? अब आप समझ गये होंगे कि पुरातात्विक वस्तुओं की इतनी सुरक्षा क्यों की जाती है । बावज़ूद इसके तस्कर अपना काम कर जाते हैं और देश की बहुमूल्य वस्तुएँ, कीमती मूर्तियाँ रातों रात विदेश पहुँच जाती हैं । शरद कोकास

और अंत में: आज हमारे चर्चाकार साथी कुश का जन्मदिन है। कुश को जन्मदिन की मंगलकामनायें। इसके अलावा गिरिजेश राव और इरफ़ान का भी जन्मदिन है। उनको भी इस मौके पर बधाई और मंगलकामनायें।

चिट्ठाचर्चा में राइट क्लिक की समस्या खतम हो गयी है। बाकी के सुधार भी जल्दी ही होंगे।

फ़िलहाल इतना ही। आप सबका मन और दिन शुभ हो।

 

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36 टिप्पणियाँ:

मुकेश कुमार तिवारी on November 04, 2009 8:48 AM ने कहा…

अनूप जी,

बहुत सुन्दर चर्चा।

सादर,

मुकेश कुमार तिवारी

पी.सी.गोदियाल on November 04, 2009 8:57 AM ने कहा…

अति सुन्दर !

श्यामल सुमन on November 04, 2009 8:59 AM ने कहा…

एक खूबसूरत प्रयास।

सादर
श्यामल सुमन
09955373288
www.manoramsuman.blogspot.com

ललित शर्मा on November 04, 2009 9:09 AM ने कहा…

बधाई-चर्चा हेतु

संगीता पुरी on November 04, 2009 9:52 AM ने कहा…

आपने बहुत छोटी पर अच्‍छी चर्चा की .. कुश जी , गिरिजेश राव जी और इरफान जी को जन्‍मदिन की बहुत बहुत बधाई !!

Meenu Khare on November 04, 2009 10:01 AM ने कहा…

कुश जी , गिरिजेश राव जी और इरफान जी को जन्‍मदिन की बहुत बहुत बधाई !!

वाणी गीत on November 04, 2009 10:16 AM ने कहा…

आप चर्चा दिए ...हम भी टिपिया दिए ...अच्छे लिंक दिए ...!!

बी एस पाबला on November 04, 2009 10:20 AM ने कहा…

संतुलित चर्चा

ब्लॉगर साथियों को बधाई
यहाँ भी, वहाँ भी

बी एस पाबला

रचना on November 04, 2009 10:35 AM ने कहा…

आज हमारे चर्चाकार साथी कुश का जन्मदिन है। कुश को जन्मदिन की मंगलकामनायें। इसके अलावा गिरिजेश राव और इरफ़ान का भी जन्मदिन है। उनको भी इस मौके पर बधाई और मंगलकामनायें।

teen janam din
yaani brahma vihnu mahesh teeno ek saath
badhaii

अनिल कान्त : on November 04, 2009 10:49 AM ने कहा…

कुश, गिरिजेश राव और इरफ़ान को जन्मदिन की बधाई।

अच्‍छी चर्चा

ज्ञानदत्त पाण्डेय| Gyandutt Pandey on November 04, 2009 11:04 AM ने कहा…

बड़े धाकड़ लोगों का जन्म दिन है आज! कुश, गिरिजेश और इरफान जी को बहुत बधाई।
इरफान जी से मैं इलाहाबाद में मिला। "बहुत अच्छा व्यक्ति पाया उन्हे" यह कहना अण्डरस्टेटमेण्ट होगा।

डॉ. रूपचन्द्र शास्त्री मयंक on November 04, 2009 11:10 AM ने कहा…

बहुत सुन्दर चर्चा रही!

विवेक सिंह on November 04, 2009 11:47 AM ने कहा…

गब्बर सिंह : कमाल हो गया । तीनों एक ही दिन पैदा हो गये । अब हैप्पी बड्डे की बड्डी बड्डी बधाई लो ।

हमारी ओर से भी कुश जी , गिरिजेश राव जी और इरफान जी को जन्‍मदिन की बहुत बहुत बधाई !!

poemsnpuja on November 04, 2009 11:50 AM ने कहा…

कुश, गिरिजेश राव ji और इरफ़ान जी को जन्मदिन की बधाई। हमारा लिखा पसंद करने के लिए शुक्रिया...पर आपने ये नहीं लिखा की बहर में नहीं है :) चर्चा चकाचक रही, हम तो ऊपर टिकिया भी दिए हैं :)

अजय कुमार on November 04, 2009 12:22 PM ने कहा…

सार्थक चर्चा

डा० अमर कुमार on November 04, 2009 12:33 PM ने कहा…



* भाई कुश
* इरफ़ान भाई
* राव गिरिजेश

ब्लॉगोत्थानस्य जन्मना त्रय महामनेषु जीवेत शरदम शतम !
इस त्रिमूर्ति के जन्मदिवस का शत शत अभिनन्दन !

MANOJ KUMAR on November 04, 2009 1:07 PM ने कहा…

अच्छी और सार्थक चर्चा।

अर्कजेश on November 04, 2009 1:28 PM ने कहा…

कुश,इरफ़ान भाई,राव गिरिजेश जी को जन्म दिन मुबारक !
एक लाइना ओफ़ द चर्चा :)
४. शाहरूख खान बनेंगे, पाबला परिवार के पड़ोसी !?: अब आयेंगे होश ठिकाने किंग खान के।

पूजा उपाध्याय की कविता कल पढी थी उनके ब्लॉग पर ! इसका प्रवाह मन को भाता है ।
अपनी बेबहरी की समस्या तो है ही :) बकिया चर्चा सब बढिया रही !

cmpershad on November 04, 2009 2:02 PM ने कहा…

लगता है सेमिनार की हडबडी में चर्चा छोटी हुई:)
जनमदिन पर कुशजी को काफ़ी, गिरिजेशजी को आलसीपन और इरफ़ान जी को उनके कार्टून मुबारक हो:) बहुत बहुत बहुत बधाई॥

महावीर बी. सेमलानी on November 04, 2009 2:16 PM ने कहा…

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जय ब्लोगिग विजय ब्लोगिग
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अनुपजी!
चर्चा तो अच्छी रही!
कुशजी को जन्मदिन की मंगलकामनायें। इसके अलावा गिरिजेशजी राव और इरफ़ानजी का भी जन्मदिन है। उनको भी इस मौके पर बधाई और मंगलकामनायें पेश है।
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पहेली मे भाग लेने के लिऎ निचे चटका लगाऎ
कोन चिठाकार है जो समुन्द्र के किनारे ठ्हल रहे है
अणुव्रत प्रवर्तक आचार्य तुलसी
आपके जीवन की डोर, मुनीरखान की १५६०० रुपयो की बोतल मे

डॉ .अनुराग on November 04, 2009 2:17 PM ने कहा…

कुश, गिरिजेश राव और इरफ़ान को जन्मदिन की बधाई। ....

लाल्टू जी एक पोस्ट सभी को पढने का अनुरोध करूंगा

दिगम्बर नासवा on November 04, 2009 2:54 PM ने कहा…

सुन्दर charcha है ....... kush जी को janam दिन की बधाई .....

अल्पना वर्मा on November 04, 2009 2:59 PM ने कहा…

कुश,गिरिजेश राव जी और इरफ़ान जी को जन्मदिन की मंगलकामनायें।

रंजना [रंजू भाटिया] on November 04, 2009 4:09 PM ने कहा…

कुश, गिरिजेश और इरफान जी को जन्मदिन की बहुत बधाई

Udan Tashtari on November 04, 2009 4:38 PM ने कहा…

कुश, गिरिजेश राव जी एवं इरफान भाई को जन्मदिन की बहुत बधाई एवं हार्दिक शुभकामनाएँ.

कविता वाचक्नवी Kavita Vachaknavee on November 04, 2009 5:22 PM ने कहा…

इरफान जी, कुश और गिरिजेश के लिए मंगलाकांक्षी हूँ, आने वाले समय में तीनों को शुभकर मिले|

Pandit Kishore Ji on November 04, 2009 6:48 PM ने कहा…

sundar charcha ki hain aapne
jyotishkishore.blogspot.com

सिद्धार्थ शंकर त्रिपाठी on November 04, 2009 8:37 PM ने कहा…

अरे वाह! यहाँ तो जन्मदिन की पार्टी चल रही है। बड्डेब्वॉय्ज को मेरी ओर से भी बहुत-बहुत बधाई और हार्दिक शुभकामनाएं।

एक और बड्डे ब्वॉय है जी... वो कार्तिकेय मिश्र जो ‘मैने आहुति बन कर देखा’ पर एक जबरदस्त पोस्ट ठेले पड़ा है।

सैयद | Syed on November 04, 2009 10:43 PM ने कहा…

कुश,गिरिजेश और इरफान जी को जन्मदिन की बधाई !!

'अदा' on November 05, 2009 3:57 AM ने कहा…

Bahut Sundar charcha ...
B'day boys ko happy birthday....!!

राजेश स्वार्थी on November 05, 2009 8:50 AM ने कहा…

http://rajeshswarthi.blogspot.com/2009/11/blog-post.com

इस पोस्त का अनुप सुक्ला जिकर नहीं कर पायेंगे, इसलिये मैं खुद कर देता हुँ।

राजेश स्वार्थी on November 05, 2009 9:06 AM ने कहा…

लिंक गलत दे दिया है उपर:

htp://rajeshswarthi.blogspot.com/2009/11/blog-post.html

राजेश स्वार्थी on November 05, 2009 9:07 AM ने कहा…

http://rajeshswarthi.blogspot.com/2009/11/blog-post.html

हिमांशु । Himanshu on November 05, 2009 9:22 AM ने कहा…

देर से ही हमारी भी बधाई पहुँचे । गिरिजेश जी, इरफान जी, कुश व कार्तिकेय जी को जन्मदिन की शुभकामनायें ।

Smart Indian - स्मार्ट इंडियन on November 06, 2009 3:34 AM ने कहा…

जन्मदिन की बधाई!

शरद कोकास on November 09, 2009 8:55 AM ने कहा…

धन्यवाद अनूप जी - शरद कोकास

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