tag:blogger.com,1999:blog-16767459.post1678895183559920827..comments2007-02-08T23:19:21.765+05:30Comments on चिट्ठा चर्चा: अडोस मे मायका, पड़ोस मे ससुरालअनूप शुक्लhttp://www.blogger.com/profile/07001026538357885879noreply@blogger.comBlogger12125tag:blogger.com,1999:blog-16767459.post-46931525202143757412007-02-09T01:29:00.000+05:302007-02-09T01:29:00.000+05:30अनुप भाई,आपके मेहनत की मैं दाद देता हूँ…हर एक चिट्...अनुप भाई,<BR/>आपके मेहनत की मैं दाद देता हूँ…हर एक चिट्ठे को बहुत सलीके से एकत्र किया और परोसा…बधाई!Divine Indiahttp://www.blogger.com/profile/14469712797997282405noreply@blogger.comtag:blogger.com,1999:blog-16767459.post-6685952116592877982007-02-08T23:19:00.000+05:302007-02-08T23:19:00.000+05:30समीरजी,आप अपना स्थान नहीं दे सकते।समीरजी,आप अपना स्थान नहीं दे सकते।Aflatoonhttp://www.blogger.com/profile/08027328950261133052noreply@blogger.comtag:blogger.com,1999:blog-16767459.post-31476156971417856152007-02-08T19:08:00.000+05:302007-02-08T19:08:00.000+05:30अरे बेजी जी, हम तो आपकी ही कविता पढ़ने लग गये थे, इ...अरे बेजी जी, हम तो आपकी ही कविता पढ़ने लग गये थे, इसी से चर्चा बीच में रोककर भाग गये और आप ही छूट गईं. आगे से पहले चर्चा करुँगा और बाद में पढ़ूँगा. :)<BR/><BR/>वैसे आज की चर्चा रही जोरदार. बहुत खुब.<B> आशीष, क्या आपकी बुधवार को छुट्टी रहती है, तो मैं अपना स्पाट दिये देता हूँ.</B> :)Udan Tashtarihttp://www.blogger.com/profile/06057252073193171933noreply@blogger.comtag:blogger.com,1999:blog-16767459.post-23325992779910422682007-02-08T18:46:00.000+05:302007-02-08T18:46:00.000+05:30भई हमें भी इंतजार है आशिष जी के शब्दों का यानि उनक...भई हमें भी इंतजार है आशिष जी के शब्दों का यानि उनकी चिट्ठा चर्चा का।Sagar Chand Naharhttp://www.blogger.com/profile/13049124481931256980noreply@blogger.comtag:blogger.com,1999:blog-16767459.post-87868750728940533872007-02-08T18:38:00.000+05:302007-02-08T18:38:00.000+05:30पता चल रहा क्यों लगता है चर्चा चिट्ठों से बेहतर है...पता चल रहा क्यों लगता है चर्चा चिट्ठों से बेहतर है<BR/>क्योंकि आपका इस्टाईल यह ढूँढ़ खोजता नव-तेवर है<BR/>हाँ यह नहीं जरूरी देवें विस्तॄत ज़िक्र सभी चिट्ठों को<BR/>कोई पाये सुर्खी, कोई लाता एक सूचना भर है.<BR/><BR/>आप किन्तु सम्मान दे रहे सब चिट्ठों को एक बराबर<BR/>बेजी की रचनायें उत्तम, सुन्दर लिखती भावना कुंअर<BR/>किन्तु लिखा करता है कोई, जब केवल लिखने की खातिर<BR/>तब उस चिट्ठे की बाबत, दो शब्द लिखा जाना है दूभरराकेश खंडेलवालhttp://www.blogger.com/profile/08112419047015083219noreply@blogger.comtag:blogger.com,1999:blog-16767459.post-38260543662073296032007-02-08T16:47:00.000+05:302007-02-08T16:47:00.000+05:30बेहतरीन चर्चा...आशीषजी को जल्द निमंत्रण भिजवाया जा...बेहतरीन चर्चा...<BR/>आशीषजी को जल्द निमंत्रण भिजवाया जाये, उनके द्वारा की जाने वाली प्रथम चर्चा का इन्तेज़ार रहेगा।गिरिराज जोशी "कविराज"http://www.girionline.com/blognoreply@blogger.comtag:blogger.com,1999:blog-16767459.post-31867975873961955342007-02-08T11:22:00.000+05:302007-02-08T11:22:00.000+05:30आशीषजी द्वारा चर्चा का बेहद इन्तेज़ार रहेगा।" अब शु...आशीषजी द्वारा चर्चा का बेहद इन्तेज़ार रहेगा।<BR/>" अब शुकुल साप्ताहिक चर्चा देसी पंडित पर करेंगे( इसलिए सभी लोगों से निवेदन है कि शुकुल से बना कर रखे)।" -चिट्ठाचर्चा से विदा कैसे हो सकते हैं?वहाँ भी करें,यहाँ न छोड़ें !Aflatoonhttp://www.blogger.com/profile/08027328950261133052noreply@blogger.comtag:blogger.com,1999:blog-16767459.post-74905365659120784042007-02-08T10:16:00.000+05:302007-02-08T10:16:00.000+05:30आपने हमारे चिठ्ठे की चर्चा की शुक्रिया । समीर जी स...आपने हमारे चिठ्ठे की चर्चा की शुक्रिया । समीर जी से पूछने का मन था....मेरा नंबर कब आयेगा । पर वह भी गंभीर समस्याओं से जूझ रहे हैं (बाल)। फिर टिप्पणी कर के सिफारिश करवाने से रवी जी ने रोक दिया । "मेरे चिठ्ठे की चर्चा क्यूँ नहीं होती ।" चिठ्ठा कैसा है यह तो व्यक्ति विशेष की पसंद पर निर्भर है । क्या ऐसा हो सकता है की जो चिठ्ठे चर्चा करने योग्य हों उनकी चर्चा की जाये । बाकी दिनभर के चिठ्टों की एक सूची कम से कम साथ हो।Bejihttp://www.blogger.com/profile/16964389992273176028noreply@blogger.comtag:blogger.com,1999:blog-16767459.post-17905342184623239392007-02-08T10:02:00.000+05:302007-02-08T10:02:00.000+05:30मेरे से नारद जी तो उदास रहते ही है और अब आप भी है ...मेरे से नारद जी तो उदास रहते ही है और अब आप भी है कैसे काम चलेगा। मेरे चिठठों की चर्चा आपको करनी ही पडेगी ( न करे तो यह आपकी मर्जी ) :-)mahashaktihttp://www.blogger.com/profile/17276636873316507159noreply@blogger.comtag:blogger.com,1999:blog-16767459.post-23626653926768816692007-02-08T09:41:00.000+05:302007-02-08T09:41:00.000+05:30अच्छी कवरेज है चाचु.छद्म नाम से टिप्पणी करना मुझे ...अच्छी कवरेज है चाचु.<BR/><BR/>छद्म नाम से टिप्पणी करना मुझे अच्छा नहीं लगता, अच्छा हो लोग एनोनिमस, अनाम आदि नामों का प्रयोग ना कर खुद का वास्तविक नाम लिखें। वैसे मैं उपदेश देने वाला कोई नहीं हुँ, यह भी ठीक है। :)Pankaj Benganihttp://www.blogger.com/profile/05608176901081263248noreply@blogger.comtag:blogger.com,1999:blog-16767459.post-25921228568291894402007-02-08T09:33:00.000+05:302007-02-08T09:33:00.000+05:30फरवरी माह मेरे लिए व्यस्तत्तम होता है. मैं मध्यान्...फरवरी माह मेरे लिए व्यस्तत्तम होता है. मैं मध्यान्हचर्चा नही कर पा रहा हूँ, पर कोशिश करता हूँ, कि कर सकू. चिट्ठे भी बढ़ रहे है, ऐसे में दो-दो चर्चाएं आवश्यक होती जा रही है.<BR/>मैं वर्तनी की भूले सुधारने की कोशिश कर रहा हूँ, आशा है आप सबको शिकायत का मौका नहीं दूंगा.संजय बेंगाणीwww.tarakash.com/joglikhinoreply@blogger.comtag:blogger.com,1999:blog-16767459.post-27115467093790379992007-02-08T09:01:00.000+05:302007-02-08T09:01:00.000+05:30छुट्टी वाले दिनो मे(जब उस दिन का चिठ्ठाकार चर्चा क...छुट्टी वाले दिनो मे(जब उस दिन का चिठ्ठाकार चर्चा के लिये उपलब्ध ना हो) मै चिठ्ठा चर्चा कर सकता हूं।आशीषhttp://ashish.net.in/khalipilinoreply@blogger.com