शुक्रवार सुबह की शुरूआत ही ऐसे होती है कि नीलिमा से कहते हैं कि छोड़ो आज चाय मैं बनाता हूँ तुम निश्चिंत होकर चर्चा करो पर न जी वे किसी झांसे में नहीं आतीं फिर फोन करके दूसरी चोखेरबाली सुजाता पर अपने बड़े होने का रौब गांठते हैं पर जो आराम से चर्चाशोषण सह जाए वो काहे की चोखेरबाली, प्रमाण स्वरूप पेश है आज सुबह की चैटचर्चा, दूसरी ओर सुजाता हैं तथा चर्चा चैटमई है अत: अनौपचारिक है इसलिए कई नामों के आगे संघी किस्म का 'जी' नही लगा है अत: सर्वश्री की तर्ज पर सर्वजी पहले ही स्वीकार करें।
| chokher bali is online. मसिजीवी: अरे वाह तुम कितनी अच्छी हो सुबह सुबह चिट्ठा चर्चा करने बैठ गईं चोखेरबाली: नहीईईईईईईईईईईईईई मै जा रही हूँ ..बाय मै आपको जानती तक नही कौन मसिजीवी? मसिजीवी: मसिजीवी इज ब्लॉक्ड
मसिजीवी: हा हा सुना है तुम मेरी पत्नी हो
चोखेरबाली: हाँ मसिजीवी: जिससे सब थर्राते है चोखेरबाली: हा हा मसिजीवी: मैं बेचारा चोखेरबाली: मै बहुत देर तक हँसती रही आपने अपनी क्या इमेज बना ली है कुंठित मन है कितने सारे आजू बाजू वैसे वह कमेंट बाबाजी का भी मज़ाक ही उड़ा रहा था मसिजीवी: कुंठित मन अच्छा ब्लॉग नाम है चोखेरबाली: बिल्कुल कठपिंगल जैसा खैर तो आप आज चर्चा मे क्या लिखोगे ? मसिजीवी: जो चाहो लिख दो् फुल फ्रीडम है तुम्हें...चिंता नहीं चोखेरबाली: ब बाय :) चोखेरबाली: क्या है ??? मसिजीवी: गुड, सो नाइस आफ यू ओह एम आई डिस्टर्बिंग यू व्हाइल यू आर राइटिंग चर्चा चोखेरबाली: बाय कह दिया न मै आपको नहीं जानती मसिजीवी:गुड हम इस तरह तो चर्चा कर रहे हैं चोखेरबाली: ये तो बेईमानी है , मै अनूप से बोलूंगी ,हाँ मसिजीवी:नहीं सही कह रहा हूँ चोखेरबाली: ह्म्म मसिजीवी: शुरू तो हो गई चर्चा
चोखेरबाली: यह तो कल की बात है मसिजीवी: चर्चा भी तो कल की ही है तुम चाहो तो ,खोज सकती हो कि कि प्रकृति का षडयंत्र है :)) कि स्त्री जीनियस नहीं हो सकतीदाड़ी = जीनियस स्त्री = नो दाढ़ी स्त्री कान्ट बी जीनियस चोखेरबाली: हाँ बिलकुल मसिजीवी: हेंस प्रूव्ड अब समझ आया क्यों रवींद्र जीनियस हैं पर ममता मीडियोकर चोखेरबाली: जैसे सिरे से सब कह रहे हैं कमेंट्स मे, मोहल्ला पर कि "लड़की तो बहाना है ", न वह जीनियस हो सकती , न ही षडयंत्र करने वाली , न दिमागदार केवल बदचलन या बेवकूफ या मिडिय़ॉकर लड़की मानो कोई चीज़ है या कोई है ही नही मसिजीवी: जबकि सभी जीनियस अखबार वाले और चैनल वाले एमएमएस दिखाकर अपने जीनियस होने का प्रमाण दे ही रहे हैं
है न.. वो मसाला है, पटाखा है और एमएमएस है वो कंटेंट है, एंकर है जिसे कापीराइटिंग की तमीज नहीं चोखेरबाली: इस्तेमाल अविनाश करे या मैनेजमेंट , लड़की की बिसात ही कुछ नही यह साबित हो रहा है मानो कोई प्रोडक्ट हो मसिजीवी: हॉ तभी तो अविनाश के लिए सहानुभूति बटोरी जा रही है, बटोरी जा पा रही है
मसिजीवी: विनीत सहानुभूति की दुकान सजा रहे हैं
चोखेरबाली: ह्म्म देखा ह्म्म और सहानुभूति भी समर्थ से ही जताई जाती है बेचारों से नही इसका भी हमारा देश अभ्यस्त है मसिजीवी: बेचारे, उन्हें सहानुभूति की क्या जरूरत, बेचारे तो चरित्रहीन होते हैं चोखेरबाली: जिसके पास शोहरत ,नाम , सम्पादकत्व, दोस्त, लॉबी, पैसा, ब्लॉग है वह अभिव्यक्त नही कर पा रहा उसके पास तो मौका ही नही है इसलिए उसे सहानुभूति की सख्त ज़रूरत है जैसे गरीब चोर होते है वैसे बेचारे चरित्रहीन होते है मसिजीवी: रांची में ब्लॉगर सम्मेलन हो रहा है, जिसमें ब्लॉगिंग का कारण बताएंगे सब
चोखेरबाली: माने ? मसिजीवी: सवाल ये है कि असल कारण बताएंगे कि नहीं..मतलब जूतमपैजार। चोखेरबाली: हा हा मसिजीवी: पर फिर भी ये सवाल तो बनता ही है कि तुम्हारी पालिटिक्स क्या है कामरेड चोखेरबाली: ह्म्म दूसरों के लिखे मे टांग अड़ाने का मौका नही छोडते लोग मसिजीवी: शुएब ने पाकिस्तान के दृश्य दिखाए हैं ![]() ![]() टांग अड़ाने की बात तो सही है हॉं वो तो कल मिश्रजी ने कहा ही कि कहॉं कहॉं टांग अड़ाते हैं लोग मत पूछो
क्रांति आने वाली चीज़ नही सोचने वाली चीज़ है मसिजीवी: उन्हें पता रखना चाहिए कि स्वात कहॉं पड़ता है क्योंकि बहुत दूर नहीं ये पिछवाड़े ही है जो फिटेस्ट होगा वह सर्वाइव करेगा तगड़ी जंग है मसिजीवी: वाकई।। तब कहॉं लगाएं सुरक्षा की गुहार इससे अनुमान लगाओ कि हाईकार्ट जज अब निठारी के कातिल का बचाव करेगा जिनके पास रीड़ नही? मसिजीवी: चलो हो गई चर्चा... नहीं होती तो छ़ट्टी हो जाती... और छुट्टी लेना पाप है चोखेरबाली: कोर्ट की रीढ है कि नही ? शायद नही है मसिजीवी: कोर्ट ... का पता नहीं पर भूतों के पास है वे बुढहा होते हैं पानी में खींच लेते हैं कीचड़ में धांस देते हैं। अब जाऊँ ? मसिजीवी: ओके बाय चोखेरबाली: ब बाय |




