रविवार, अगस्त 29, 2010

समाचार ब्लॉग या ब्लॉग समाचार?

(सभी से क्षमा याचना - ब्लॉगर की डेट सेटिंग में हुई भूल से यह पोस्ट कल की बजाए आज प्रकाशित हो गई है. इसे कल के लिए रीशेड्यूल तो किया है, पर पुरानी डेट पर प्रकाशित रीशेड्यूल्ड ब्लॉगर पोस्टें हटती नहीं.)
ओह! कितने सारे समाचार ब्लॉग... और, नीचे तो सिर्फ नमूना भर है-
संबंधत ब्लॉग की कड़ियाँ स्क्रीनशॉट पर ही हैं. संबंधित ब्लॉग में जाने के लिए उस चित्र पर क्लिक करें.
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9 टिप्‍पणियां:

  1. MAFF KIJYEGA PADHA TIPPNI KYA DE SAMAJH NAHI AYA

    THODI BHOOMIKA TO DENI HI CHAHIYE...

    REGARDS

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  2. पहले, लोग छोटे-छोटे शौकिया अख़बार निकाला करते थे आजकल अपना शौक यहां पूरा कर रहे हैं. पता लगता है, ब्लाग केवल अपने मन की ही कहने का माध्यम नहीं है, समाचार साधन भी है

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  3. अखबारों की कतरने बहुत कुछ जानकारी दे गई। धन्यवाद॥

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  4. .
    वाह, क्या चर्चा है, क्या बानगी है, चँद पेजों के स्क्रीनशॉट और 38 शब्द क्षमायाचना के और 31 शब्द लीपापोती के.. ? एक फोन पर पिछली पोस्ट को आगे ठेलने का जुगाड़ ? अब समझ में आ रहा है कि, दावानल कहाँ से उठता है.. और लोग क्यों धीरे धीरे इस मँच से कट गये । और, टिप्पणी क्या दूँ.. नमक से नमक खाया गया है, कभी ? मैं निरा बेशर्म, तो आप मेरे महागुरु ।
    मैं खुश हुआ, मज़ा आयेगा खेल का ।
    मुला घूँघट की आड़ से ललकारियेगा नहीं.. मैं महाधूर्त भले हूँ, पर भँड़वा कभी से न रहा !
    ( लोगों को भँड़वा बोलते सुना है, क्या है यह नहीं जानता, कुछ अच्छा ही होगा, सो लिख दिया )

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  5. >
    सॉरी, ड्राफ़्ट किया ही था.. यह पोस्ट कैसे हो गयी ?
    क्षमा करें, मैं अपनी टिप्पणियाँ हटाया नहीं करता !
    फिर.. यह तो मेरी ऎतिहासिक अँतिम टिप्पणी है ।

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  6. बहुत उम्‍दा काम है रवि भाई। कुछ एक नाम तो पहली बार देखे। यह काफी मेहनत के साथ किया गया काम है फिर भी लोग इसकी महत्ता नहीं समझ पा रहे। मुझे लगता है कि थोड़ा क्‍लासिफाई करके साइट और ब्‍लॉग्‍स को अलग करने पर ज्‍यादा बेहतर होता। प्रशंसनीय।

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  7. @श्री रवि रतलामी
    अफसोसजनक !

    @ डॉ अमर कुमार
    बड़े खतरनाक आदमी हो यार !

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  8. technically the post could have been copied and put in another draft and scheduled and the content of this post could have been removed and a link for redirecting to taruns post be put up here BUT ravi does not need all these tech help the reason basically is that ravi harldly reads what is here so he probably did not see the content of taruns post

    now we should not expect everyone who posts a post to read the other peoples post as well
    can we ??????

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