बुधवार, अगस्त 31, 2005

रवि रतलामी का इन्टरव्यू

मेल एण्ड गार्जीयन में रवि रतलामी से बातचीत की आधार पर क्षेत्रीय भाषाऒं के लिये की उन्नति के लिये जुगत की बारे में सूचना उत्साह वर्धक है। मजहब और शोर में रिश्ता तलाश रहे हैं लक्ष्मीं गुप्ता। सुनील दीपक रुपये-पैसे की कहानी बता रहे हैं उधर जीतेन्द्र को सबकुछ मुफ्त में चाहिये। बारहा के बारे में जानकर उड़ने लगे। इधर सालोक्य साइबर ठगी के शिकार हुये उधर कालीचरन कह रहे हैं कैंसर से बचना है तो आलू छोड़ो। स्वामी जी ने बताया कि तूफानों के नाम कैसे रखे जाते हैं। इस बीच आशीष ज्ञानविज्ञान चिट्ठे को हिंदिनी पर ले आये।

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