बुधवार, अप्रैल 01, 2009

चर्चा के पहले की चर्चा

आज पहली अप्रैल है। आज की चर्चा कुश करेंगे। कह रहे थे कि हमारा दिन है आज तो समय निकालेंगे ही। आप कुश की चर्चा का इंतजार करिये तब तक कुछ एकलाईना झेल लीजिये:-

  1. पारस पत्थर:की एजेन्सी ज्ञानजी ने हथियायी

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  20. नारदमुनि अब नहीं रहे : उत्तराधिकारियों में मारपीट की आशंका

  21. कुछ लोगों को लिखना बंद कर देना चाहिये: लो कर दिया जी

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38 टिप्‍पणियां:

  1. ये पहले अप्रेल फ़ूल हम बने.:)आनन्द आ गया.

    रामराम.

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  2. आज तो खूब ब खुद अप्रेल फूल बन जाना ही अच्छा है |

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  3. अहा...आज तो बिना पढ़े ही मजा आ गया -:)
    ...बाकी दिन भी ऐसी ही छोटी-छोटी चर्चा काहे नहीं लिखते हैं जी...
    कई बार तो, आप सब मिलकर, चटान सिंह सा भारी-भारी और लंबा-लंबा लिखते हो कि पहले से ही ठस खोपड़ी, बैठ जाती है.
    ये नया सीखने के लिए बधाई.

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  4. अब आप भी आज के दिन के उपयोग करने का बहाना ढूंढ बैठे .

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  5. क्या कहा आज कुश का दिन है ?

    कुश को अपना दिन बहुत बहुत मुबारक हो :)

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  6. हमने तो २ से १९ भी खुद से लगा लगा कर पढ़ लिए और हँसे भी. :)

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  7. ओह ! अप्रैल फूल बना ही दिया ।

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  8. " ha ha ha ha ha ha ha ha ha अप्रैल फूल "

    regards

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  9. आज की इस चर्चा के लिये

    * Srijan Shilpi
    * अभय तिवारी
    * मसिजीवी
    * Kaul
    * Jitendra Chaudhary
    * Manish Kumar
    * राकेश खंडेलवाल
    * Raviratlami
    * Atul Arora
    * Tarun
    * संजय बेंगाणी
    * Ashish Shrivastava
    * पंगेबाज
    * Sagar Chand Nahar
    * गिरिराज जोशी
    * कविता वाचक्नवी Kavita Vachaknavee
    * note pad
    * Neelima
    * Shiv Kumar Mishra
    * कुश
    * Tushar Joshi, Nagpur
    * Udan Tashtari
    * विपुल जैन
    * आलोक
    * विवेक सिंह
    * Debashish

    आदि को बधाई !!

    सिर्फ अनूप शुक्ल नहीं दिखे. क्या बात है कहां छुप गये हैं जनाब!!

    सस्नेह -- शास्त्री

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  10. lo bha subah subah april fool bana diya...
    waise mujhe koi april fool nahi bana sakta
    ('Perfection' ko improve karna mushkilhota hai...)

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  11. चर्चा में भी अप्रेल, कोई खर्चा हो रहा था क्या..:)

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  12. चाहे फ़ूल बन कर ही सही,दूसरों को खुशी देने का कोई भी मौका हाथ से नही जाने देते हम्।ये वाला फ़ूल बनना भी कांटा बनने से कई गुना अच्छा है।कुश का दिन सबको खुशियां दे फ़ूल बनकर फ़ूल बनाकर्।

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  13. बढिया चर्चा! कृपया मेरे ब्लॉग को भी शामिल कर लें !!
    http://mukti-kamna.blogspot.com/

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  14. लंबी और विस्तृत चर्चा के लिए बधाई. 22वी और 26वी एक लाइना तो कमाल कि लिखी है आपने.. कैसे कर लेते है ये सब ?

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  15. ज्ञान भैया का कमेण्ट डिलीट किया जाना दुर्भाग्यपूर्ण है !

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  16. इस टिप्पणी को लेखक द्वारा हटा दिया गया है.

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  17. २. से १८ नंबर की सारी लिंक्स पर गयी...बहुत ही अच्छे ब्लोग्स हैं, आपके कारण ही पढ़ पायी...बहुत धन्यवाद आपको. आज के दिन तो आप खास व्यस्त रहे होंगे, इतना वक़्त निकालने के लिए आपकी आभारी हूँ :)

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  18. बहुत खूब....ऐसा लग रहा है मानो 1 अप्रैल हम ब्‍लॉगरों का 'ब्‍लॉग पर्व' है :)

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  19. यूँ कमेण्ट डिलीट किया जाना अच्छी परम्परा नहीं है :(

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  20. वाह...खूब बनाया और खूब मनाया आपने भी...

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  21. ये मेरा पांचवां कमेन्ट है इस पोस्ट पर सुबह से ट्राई कर रही हूँ कमेन्ट करने की

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  22. वैसे कुश की सुबह वाली चर्चा इससे भी अच्छी थी न जाने क्यों उसे हटा दिया गया

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  23. चर्चा मस्त रही.. 2 से लेकर 19 तक मेरी पोस्ट के ही लिंक समझे जाएं..

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  24. चर्चा बढिया रही:) ऐसी रोचक चर्चा आज ही के दिन देखी जा सकती है। जो लोग अपने स्टुडेंट डेज़ में फिल अप द ब्लैंक में कमज़ोर थे, कृपा करके वे इस ब्लाग को न देखें:):)

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  25. वाह वाह
    क्या चर्चा है , मज़ा आ गया

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  26. अनूप जी,

    आज आप इतने मेहरबान कैसे हो गए कि आपको सदा भूल जाने वाले मेरे ब्लॊग्स के इतने सारे लिंक्स एक साथ देने की इच्छा हो आई? अपनी १८ पोस्ट्स का जिक्र एक साथ चर्चा में देख कर मैं तो खैर गद् गद् हूँ ही।

    बस एक शिकायत है, कि ऊपर वाली टिप्पणी के लिए (आपने,अमर जी ने या ज्ञान जी ने) जिसने भी मेरे नाम से गूगल का या डमी खाता खोला है, भई, उसने सच में मुझे १० मिनट के लिए फेंट कर दिया। ( यह फ़ूल जिसने भी बनाया, जिन्दाबाद)।

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  27. .पोस्ट थोडी छोटी लिखा करें,समयाभाव के कारण पूरी पढ ही नहीं पाये.

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  28. फुरसतिया जैसा रूखा व्यक्ति ऐसी चर्चा कर सकता है? विश्वास नहीं होता। आजकल बहुत से लोग ब्लॉगर आईडी हैक करने लग गये हैं! :-)

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  29. पहली अपरेल को हुआ चमत्कार
    फुरसतिया ने लिखी
    मिनि पोस्ट!

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