रविवार, दिसंबर 27, 2009

आइए, एक दूजे को चिट्ठा ईनाम बांटें…

blog award

उड़नतश्तरी चिट्ठे के बाजू पट्टी में अमित गुप्ता द्वारा दिए गए ब्लॉग पुरस्कार पर नजर गई तो वहाँ से कड़ी दर कड़ी खोजते पुरस्कारों का खजाना मिल गया. वैसे भी ब्लॉग पुरस्कारों का मौसम चला आया है. तो क्यों न लगे हाथ आप भी अपने पसंदीदा चिट्ठों, चिट्ठाकारों को दना दन एकाध नहीं, बल्कि कई कई चिट्ठापुरस्कार बांट दें? चिट्ठा पुरस्कारों के लिए, यकीन मानिए, श्रेणियों की कोई कमी नहीं! और काम एकदम सरल! बस आपको देने वाले का (अपना) नाम भरना है, पाने वाले का नाम व ईमेल पता भरना है और पुरस्कारों में से एक को चुनना है, और भेजें बटन दबा देना है.

आइए, देखें कुछ नमूने -

dead cockroach award

मरा तिलचट्टा पुरस्कार? ये क्या अवार्ड है भई? पर, आप यकीनन अपने  कुछ पसंदीदा  ब्लॉगों को ये अवार्ड देना नहीं चाहेंगे?

 

cow fart award

हम्म… गाय के गोबर का अवार्ड तो फिर भी काम का होता… यहाँ धरती पहले से गरम है और मीथेन गैस और पैदा की जा रही है.. मगर, ऐसे पुरस्कार योग्य चिट्ठे कुछेक तो होंगे ही जो चिट्ठाजगत के माहौल को गर्म बनाए रखने में अपना अच्छा खासा खून पसीना बहाते फिरते हैं?

 

चलिए, मजाक बहुत हो गया. असली किसम के अवार्ड भी हैं यहाँ – (वैसे ऊपर के अवार्ड ज्यादा असली हैं,)

most unique blog of the year

 

कुछ और पुरस्कार नामों पर सरसरी नजर-

choose award

 

वाह! हर संभव श्रेणी के पुरस्कार हैं यहाँ पर तो. इस लिहाज से तो हर चिट्ठा कोई न कोई पुरस्कार (रों) के लिए शर्तिया क्वालीफ़ाई करेगा ही.

तो, देर किस बात की? दे दना दन और ले दना दन वाला काम क्यों न चालू करें? बस, यहाँ क्लिक करें.

इसके बावजूद भी यदि आपका ब्लॉग मेरे ब्लॉग की तरह सचमुच अभागा है, तो उसे इनमें से किसी एक (या अनेक) बढ़िया  पुरस्कार से सजाने के लिए स्वयं आप अपने लिए किसी अनामी ईमेल खाते से ईनाम अपने खाते पर भेज सकते हैं.

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21 टिप्‍पणियां:

  1. रवि भाई जोहार ले, बने बतायेस, गाड़ा गाड़ा बधई

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  2. इस टिप्पणी को लेखक द्वारा हटा दिया गया है.

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  3. ईनाम ho, samman ho, ab log maan kar hi chalate hai ki isake peechhe gutbazee rahati hai. blog kee duniya me bhi aane vaale log manushy hee hai. mai ye khail varsho se dekh raha hoo. isaliye mujhe lagata hai ki ham apnakaam karate rahe. purskar mile to theek, n mile to theek. ham apne srijan kaar me lahe rahe. kitane log aaye aur ek din mar-khap gaye. blog kee diniya me bhi bandarbaat hai. jo bahut achchha kaam (jaise aap...)kar rahe hai, unko koi dekhata hi nahee, fir bhi aap kar rahe hai, aur samarpan ke saath, sahyog kee bhavanake saath kar rahe hai.

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  4. अपने लिए ही अपने द्वारा कोई पुरस्कार का जुगाड़ इसमें है कि नहीं ?

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  5. हम कहां के ऐसे दाना हैं

    किस हुनर में यक्सां हैं.....:)

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  6. बहुत सुंदर, लेकिन मैने कभी कोई ऎसा विजेट अपने ब्लांग मै नही सजाया, शायद हम नालायक है..:)

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  7. यूरेका ! यूरेका ! अवार्ड का वार्ड !

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  8. हम तो नालायक ही भले हैं। यह पुरस्कार की राजनीति उधरिच रहने दें।

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  9. ब्लॉग पर साइडबार है,
    यह ब्लॉग का जीवन है !
    जीने के लिये खुराक चाहिये ।
    खुराक वही, जो दिल को ठँडक दे ।
    दिल की ठँडक पुरस्कार मेडल में होती है ।
    वही तो मेरे साइडबार पर टँगा है, आप अपनी रेवड़ी गिनो ।
    सुना है, पद्मश्री भी बेचे और ख़रीदे जाते हैं, कोई न ले तो हम क्या करें !

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  10. आइए, एक दूजे को चिट्ठा ईनाम बांटें…
    १०० नंबर !!

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  11. बहुत जबर्दस्त..

    हमें भी एकाध दिलाइये..

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  12. नव वर्ष की अशेष कामनाएँ।
    आपके सभी बिगड़े काम बन जाएँ।
    आपके घर में हो इतना रूपया-पैसा,
    रखने की जगह कम पड़े और हमारे घर आएँ।
    --------
    2009 के ब्लागर्स सम्मान हेतु ऑनलाइन नामांकन
    साइंस ब्लॉगर्स असोसिएशन के पुरस्कार घोषित।

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