बुधवार, जुलाई 22, 2009

सूरज चाँद से मिला और बोला - स्मार्टी आई लव यू!!

एक लाईना



    अपमान
  1. बिजली और विवेक ने तुड़वाई पंखे की सगाई : बिजली के झटकों से हिलेगा तो और क्या होगा भाई!!

  2. ताऊ गया बाबा समीरानंद के हिमालय आश्रम में :बाबा समीरानन्द ताऊ को राग दरबारी में गाना सिखायेंगे

  3. दारागंज का पण्डा :आज ज्ञानजी के ब्लाग पर चढ़ बैठा

  4. कुछ कुछ कुछ कुछ कह जाता:उसमें से कुछ सुनना तो नहीं पड़ेगा ?

  5. टूटी मेरी सगाई :बाल-बाल बचे भाई

  6. बारिश की फुँहारें, लीची का शरबत, गरमागरम खस्ता पकौड़े और अनीता जी का साथ :एक साथ इत्ते बवाल!!

  7. स्कोर कार्ड - समीर अंकल : 201* :बहुत बच्चा स्कोर है जी!!

  8. क्यों भाई चन्दा ! किससे सीखा ये धन्धा ? :चाहे जितनी हीरोइनों के मुखड़े समान मुझे बताओ लेकिन मैं नहीं मुंह खोलने वाला

  9. मैं, आप, सब...:टिप्पणी का ही इंतजार करते रहते हैं

  10. यह यथार्थ का जादू है कि मैं योगी के साथ खड़ा हूं :लेट लो, पैर सीधे कर लो सुबह से थक गये होगे भाई!!

  11. सूरज चाँद से मिला ! :और बोला -स्मार्टी आई लव यू!!

  12. फिर चाहे वो "राखी का स्वयम्बर " हो या "सच का सामना " या "मुझे इस जंगल से बचाओ " मकसद सिर्फ़ इतना हैं कि पैसा हो ताकि जिंदगी आसान हो । :अपनी बारी की प्रतीक्षा करें आप कतार में हैं

  13. सूर्यग्रहण के बहाने :एक ठो पोस्ट ठेल दी

  14. ज्योतिषी अक्सर बदहाल क्यों होते हैं? :पार्वती जी का शाप उनको मालामाल नहीं होने देता

  15. खाना बनातीं स्त्रियाँ:खाना ही बनाती जा रही हैं

  16. अमर उजाला में 'शब्द-शिखर' ब्लॉग की चर्चा :बिना किसी तिकड़म बिना कोई खर्चा

  17. आपको चॉकलेट अच्छी लगती है क्या ?:खिलाती तो हो नहीं फ़ालतू में ललचवाती हो!!

  18. बेडरूम का सच और एक करोड़ रुपए :आफ़त जोते हैं

  19. शादी के बाद...:दूल्हा अचानक अंग्रेजी में बतियाने लगा...

  20. अहमदाबाद में भुखमरी :चिंताजनक बात है

  21. पता नहीं क्यों?:डा. साहब आजकल टिपिया नहीं रहे हैं

  22. और मगरमच्छ आ गया तो..?. :तो क्या होगा ??- आंसू बहायेगा!!

  23. इस सूर्य ग्रहण पर शर्म तो आ रही है :अरे अब इसमें क्या शरमाना भाई!!

  24. इतनी जल्दी क्या है!:बबुआ फ़ांसी पर चढ़ जाने की

  25. आप मेरी वेब - साईट देख रहे हो इसका मतलब :आप भी फ़ालतू हो हम भी फ़ुरसतिये हैं!!!

  26. मेरे आंखे कहती है :मेरे नहीं बाबा- मेरी!!!

  27. लो टपकने लगी 72 करोड़ में बनी विधानसभा :यह पारदर्शिता है जी, जो पानी छत पर आया नीचे पेश कर दिया!!!

  28. मात्र कानूनों से जानें नहीं बचती:कानून पालन करने में जान लगाने से जान बचती है

  29. निगौडा सूचना का अधिकार :कहां-कहां घुसपैठ करेगा?

  30. हम भी देखेंगे एनडीटीवी :क्यों भाई क्या पाप किया है एनडीटीवी ने??

  31. यों तो बिना वजह ही सारे दिन हम व्यस्त रहे :महानगर के छल छंदों से तन मन त्रस्त रहे

  32. मुझे आराम चाहिये :इसके पास मुकाम,पैगाम और फ़िर जाम का इंतजाम चाहिये

  33. हिंदी- एक बीमारी??? :कह दो यह झूठ है!!!

  34. गिर सकती है सच का सामना पर गाज : देख लो जित्ता हो सके ये कार्यक्रम आज

  35. रितिक ने अपनी कलाई पर पत्नी का नाम गुदवाया:गर्ल फ्रेंड्स के दौर में पत्नी प्रेमी को सलाम !

  36. स्टूल पर बैठी ज़िन्दगी :कभी गिरती है, कभी लडखडाती है! इसके लिये कुर्सी मंगवाओ

  37. भकुआए टीवी पत्रकार आज आप हमें गरिआइए : वो आपकी मांग कब्भी पूरी नहीं करेंगे!! समझ गये? निकलिये, जाइये!!




और अंत में

सबेरे ग्रहण के चक्कर में चर्चा हड़बड़ा के कर दिये। उसमें एक लाईना नहीं लिख पाये। अभी सोचा कि पेशे खिदमत कर दिया जाये। उदयप्रकाशजी के बारे में खबरों का लिंक देते हुये हमने चर्चा की तो अभी चैटियाते हुये एक मित्र ने पूछा- ये उदयप्रकाशजी कौन हैं? अब जो लोग साहित्यकार और ब्लागर के पचड़े में पड़े हैं वे इस घटना को संज्ञान में लें और इस बात को बूझें कि आप चाहे ब्लागर हों या साहित्यकार आपका होना तभी होना माना जायेगा जब आपके बारे में लोगों को पता होगा।

बहरहाल आप इस एक लाईना का मजा ले ही लिये होंगे इसलिये अब और क्या कहें? सिवाय इसके कि आपको अच्छा नींद आये। सोने के लिये हम वीनस केशरी से नहीं कहेंगे क्योंकि उनके यह जागने का समय है।

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10 टिप्‍पणियां:

  1. सही किया एक लाइना ठेल दिया !

    27 नम्बर तो कमाल है !

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  2. वन लाईना पढ़ लिए, अब चैन आ गया. :)

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  3. फुल फुरसतिया एक लाइना
    मजेदार, लज्जतदार, कुर्रम कुर्रम .................


    {सोने के लिये हम वीनस केशरी से नहीं कहेंगे क्योंकि उनके यह जागने का समय है।}......सत्य वचन

    वीनस केसरी

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  4. रितिक ने अपनी कलाई पर पत्नी का नाम गुदवाया:गर्ल फ्रेंड्स के दौर में पत्नी प्रेमी को सलाम !
    ------
    रिमूवेबल गुंदने आ गये हैं क्या?

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  5. ये एड ऑन चर्चा भी खूब ठेलेली है.. जायका ही बदल दिया शीर्षकों का.. मस्त..!! बोले तो रापचिक.. !

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  6. ये ‘गिरन’ भी ना! चांद-सूरज के बीच ही नहीं चर्चा ठेलने भी बाधा बन जाता है:) हिंदी तो देश कि बिंदी है जी!!

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  7. एक लाइना ही सही पर रोचक....

    regards

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  8. बढ़िया, मजेदार, रापचिक,

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