शुक्रवार, जनवरी 22, 2010

चिट्ठाचर्चा: कतरनों और सुर्खियों में

 

पाबलाजी बाकी कामों के अलावा एक शानदार काम अलग अलग अखबारों में हिन्‍दी ब्‍लॉगों के उल्‍लेख की कतरनों को पोस्‍ट करने का भी करते हैं। सही भी है अपने ब्लॉग की कतरन पढ़ने में जो आनंद है वो बहुत कम चीजों में मिलता है। तो आज की चर्चा में हम एक खास अखबार चिट्ठाचर्चा टाईम्‍स से कल के चिट्ठासंसार की सुर्खियॉं लेकर हाजिर हुए हैं। अखबार की कतरन पर क्लिक करने से आप उस ब्‍लॉग पर जा पहुँचेंगे जिसकी चर्चा इस कतरन में है। तो लीजिए मजा छपास का...

 

 

 

newspaper (3)

समीर लाल says:

 

 

 

एक नई सुबह हुई है. आप आगाज़ किजिये नये मूल्यों के साथ एक साफ सुथरी पार्टी का जिसमें मौकापरस्तों के लिए कोई जगह न होगी. प्रोफेशनलस को लिजिये. एक नये युग का शंखनाद करिये. टोरंटो से मैं पहला व्यक्ति होंगा जो आपकी पार्टी ज्वाईन करेगा अगर भारत की राजनित के सुधार के लिए उचित कदम उठाने की पहल हो. इस हेतु भारत लौटना भी मुझे मंजूर है.

आज आप स्वतंत्र हैं. नये सिरे से शुरुवात करिये. हमें इन्तजार होगा.

 

 

newspaper

 

newspaper (1)

 

newspaper (2) AnJCPA

 

newspaper (4)

 

 

 

 

 

 

 

 

 

(अखबार रोमन लिपि में है क्‍योंकि कतरन बनाने के लिए जिस औजार न्‍यूजपेपर क्लिपिंग जनरेटर का इस्‍तेमाल किया है वो देवनागरी यूनीकोड के साथ काम नहीं कर रहा है। इसलिए पहले गूगल के स्क्रिप्‍ट कन्‍वर्टर का इस्‍तेमाल कर ब्‍लॉग की भाषा हिन्‍दी तथा लिपि रोमन की, तब इसकी कतरने बनाई हैं)

Post Comment

Post Comment

26 टिप्‍पणियां:

  1. (अखबार रोमन लिपि में है क्‍योंकि कतरन बनाने के लिए जिस औजार न्‍यूजपेपर क्लिपिंग जनरेटर का इस्‍तेमाल किया है वो देवनागरी यूनीकोड के साथ काम नहीं कर रहा है। इसलिए पहले गूगल के स्क्रिप्‍ट कन्‍वर्टर का इस्‍तेमाल कर ब्‍लॉग की भाषा हिन्‍दी तथा लिपि रोमन की, तब इसकी कतरने बनाई हैं)
    kaash aap yae naa likhtey
    kyaa khub prastuti haen

    उत्तर देंहटाएं
  2. क्या यार! गजब हो तुम भी मास्टरजी। नये-नये अंदाज में मेरे ख्याल में सबसे ज्यादा चर्चा मास्टर मसिजीवी के खाते में ही जायेंगी। क्या आइडिया है! जय हो! मजा आ गया देखकर।

    उत्तर देंहटाएं
  3. क्या इसका मतलब यह है कि यहाँ भी आपने पाबला जी को फ़ॉलो किया है… :) :) अखबार में छपने का शौक किसे नहीं होता… इतने सारे चिठ्ठे एक ब्लॉग पर "एक ही अखबार" में… मजा आ गया… :) :)

    उत्तर देंहटाएं
  4. " bahut hi badhiya "

    ----- eksacchai{ AAWAZ }

    http://eksacchai.blogspot.com

    उत्तर देंहटाएं
  5. वाह वाह बहुत खूब ..नया प्रयोग लाजबाब

    उत्तर देंहटाएं
  6. बहुत मेहनत से तैयार की गई इस चिट्ठाचर्चा के लिए अनेकों शुभकामनाएं।

    उत्तर देंहटाएं
  7. मजेदार प्रयोग .. सचमुच चौंक गयी थी !!

    उत्तर देंहटाएं
  8. अद्भुत,आपने तो इ अकबार वाला औझार ऐसा थमाया है कि चाहे तो विभाग के लोगों को अपने मन-मुताबिक खबर लिखकर इसे लेआउट में एक घड़ी को बिलैकमेल कर सकता है। अखबारों की पूरी पायरेसी हो गयी है। मजा आ गया। कटिंग देखकर तो ऐसा लग रहा है कि सीधे तीनमूर्ति से लेकर चले आ रहे हो..

    उत्तर देंहटाएं
  9. न जाने क्या होगा ब्लॉग जगत का ? अब अमर सिंह भी यहाँ आ गए

    उत्तर देंहटाएं
  10. ह्वाट ऐन आईडिया सर जी.
    कमाल कर दिया.

    उत्तर देंहटाएं
  11. एकदम हिट चर्चा। पूरे सौ नंबर!
    काश! इस का देवनागरी संस्करण भी बन जाए!

    उत्तर देंहटाएं
  12. वाह जी वाह !
    मास्टर जी क्या चर्चा की है !!
    साल डेढ़ साल पहले अमित गुप्ता जी के ब्लॉग पे शायद यह औजार सुना था ?,,,,पर अब तक देवनागरी की गाड़ी पटरी पर नहीं आयी ? ......कोहरा पड रहा होगा?

    नए अंदाज के लिए अनूप जी का अनुमान सही ही होगा |
    अगला आइडिया ?

    @ विनीत
    हिन्दी अखबार कैसे कर पायेंगे अइसन ब्लैकमेलिंग ?

    उत्तर देंहटाएं
  13. बहुत बढ़िया. बस हिंदी में न होने से ज़रा pirated सा लगा :)

    उत्तर देंहटाएं

  14. चर्चाकार की अपनी सीमायें होती हैं, इस नाते एक अलग प्रयोग है... पर यह शत-प्रतिशत देवनागरी में भी बनाया जा सकता है, रास्ता पेंचीदा है तो क्या ! बढ़िया लगा !

    उत्तर देंहटाएं
  15. वाह ! यह काम भी बहुत मेहनत का है ।

    उत्तर देंहटाएं

चिट्ठा चर्चा हिन्दी चिट्ठामंडल का अपना मंच है। कृपया अपनी प्रतिक्रिया देते समय इसका मान रखें। असभ्य भाषा व व्यक्तिगत आक्षेप करने वाली टिप्पणियाँ हटा दी जायेंगी।

नोट- चर्चा में अक्सर स्पैम टिप्पणियों की अधिकता से मोडरेशन लगाया जा सकता है और टिपण्णी प्रकशित होने में विलम्ब भी हो सकता है।

Google Analytics Alternative