शुक्रवार, अक्तूबर 23, 2009

हिंदी चिट्ठाकारी की दुनिया : सेमिनार के कुछ वक्ता

विस्फोट पर इस सेमिनार एक विस्फोटक पोस्ट संजय तिवारी ने प्रकाशित की है – ब्लॉगरों के निशाने पर नामवर सिंह. एक निगाह अवश्य डालें.
अभी अभी मसिजीवी ने अपना वक्तव्य खत्म किया. इससे पहले मनीषा पाण्डेय ने अपनी ओजस्विनी शैली में वक्तव्य दिया. हाल ही में जाकिर अली रजनीश ने अपना वक्तव्य प्रारंभ किया है. इस बीच हर्षवर्धन ने अपना वक्तव्य खत्म किया. किसने क्या कहा ये तो फुरसतिया महाराज बताएंगे. अभी हम आपको कुछ वक्ताओं के और सम्माननीय श्रोताओं के चित्र दिखाते हैं -

नामवर सिंह अपना उद्घाटन वक्तव्य देते हुए.
naamwar singh (Small)

विभूति नारायण राय –
vibhuti narayan roy (Small)

हर्षवर्धन -
harshwardhan (Small)

अजित वडनेरकर -
ajit wadnerkar (Small)

भूपेश चौबे
bhoopesh chaube (Small)

मगन श्रोता 1-
magan shrota (Small)

मगन श्रोता – 2
magan shrota another view (Small)

यशवंत भड़ासी -



अविनाश मोहल्ला -


अभी इरफान (टूटी हुई बिखरी हुई) अपना व्याख्यान दे रहे हैं और बता रहे हैं कि ब्लॉग कैसी अद्भुत विधा है. साथ ही वे यह भी बता रहे हैं कि आपके द्वारा सिर्फ वर्णमाला जान लेने से आप रचनाकार नहीं बन सकते. विस्तृत रिपोर्ट आगे / अन्य ब्लॉगों पर. तब तक इंतजार करें अगले अपडेट का.
(समस्त चित्र – सौजन्य : सिद्धार्थ शंकर त्रिपाठी के कैमरे से.)

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21 टिप्‍पणियां:

  1. लग रहा है वहीं बैठे हैं..

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  2. चटपट रपट .. ब्‍लागिंग इसे ही कहते हैं !!

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  3. नामवर सिंह जी तथा विभूतिनारायणजी की मौजूदगी से निश्चय ही सम्मेलन में चार चांद लग गये। बधाइ तो बधाई:) आगे की रपट का इन्तेज़ार...

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  4. और हां, इन चार-चांदों का श्रेय भी वे खुद ही लेंगे- लाल सलाम की जय हो)

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  5. काल्ह हमहूँ ऊहाँ देखे जा सकने को उपलब्ध रहेंगे,
    हमको देखने वास्ते केतना टीकस लगेगा, ई तय करके आप बुकिंग सुरु कर दिजीए !
    हम अजित वडनेकर जी के बगल वाली खाट पकड़ेंगे, आप छेंक रखियेगा ।
    मुला ई-71 वाले ई-मोबैल कैमरावा का धाँस के उपयोग किया जा रहा है, यहू लउक गया जी !
    नामवर सिंह में का धरा है ! जो सीखना है, ऊ कलाकारी आपसे सीखेंगे अउर चिट्ठाकारी हईंचेंगे !
    गुरु ज्ञानदत्त जी को बोलीए कि अपना गोड़ धो माँज के रक्खें, हम काल्हिन उनका गोड़ छू पायेंगे, आजकी प्रॉक्सी मास्टर साहेब से लगवा दीजिएगा जी ।
    आगे ई टिप्पणी कम पोस्ट ज्यादा समझना जी ! बाकी जौन है सो ठीकै है !

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  6. हम कुच्छ ना बोलेंगे। जब तक पता न लग जाए कि कौन कौन क्या क्या बोला? वैसे अच्छी छन रही है। ईर्ष्या तो हो ही रही है कि हम क्यों न वहाँ हुए। रेलवे की शैयाएँ इतनी जल्दी क्यों भर जाती हैं?

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  7. त्वरित और जीवन्त रपट लगाने के लिए आभार!

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  8. क्या हुआ?? सब चर्चाकार सो गये क्या शाम से ही?

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  9. ये तो 'आजतक' से भी तेज हो गया.

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  10. भाई नहीं कुछ तो कम से कम सोने जाने तक का रिपोर्ट तो दे दे :)
    आपने कहा अगले अपडेट का इंतज़ार करे हम यही चैनल पकड कर बैठे रह गए .........अब कुछ नहीं तो शुभ रात्री ही बोल दीजिये ...............:)
    चलिए मै आप सभी ब्लॉगर को शुभ रात्री बोल रहा हु ....
    प्रणाम

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  11. नामवर सिंह को अंदाजा होना चाहिए कि 'अभिव्यक्ति' किसी भी दौर में किसी 'खास' खोल में दुबक कर नहीं रही. चिट्ठे की ताकत को साहित्य जगत और मीडिया सहित देश का समस्त समाज एक दिन मानेगा....इस आयोजन से हिंदी ब्लोगिंग को एक नया आयाम निश्चित ही मिलने जा रहा है...

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  12. बढिया रिपोर्टिन्ग. सब को शामिल कर लिया आपने, इस कार्यक्रम में...

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  13. बढिया लाइव कमेंट्री की गई आज ।

    बहुत बढिया !

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  14. ई तो फटाफट लाईव रिपोर्टिंग हो रही है। जै हो।

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  15. वाह ये तो लाईव कमेंन्ट्री है !!

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