शनिवार, दिसंबर 06, 2008

ताऊ की फ़रमाइश पर

फ़ूलसबेरे ताऊ ने लिखा

बहुत लाजवाब चर्चा पर अभी मन नही भरा ! शायद एक एपिसोड शाम को देंगे क्या ? एक लाईना का ! :) बहुत मजेदार रही ये चर्चा !

रामराम !


अभी ध्यान आया कि ताऊ की फ़रमाइश पूरी नहीं हो पाई। आज की फ़रमाइश आज ही पूरी न की तो क्या फ़ायदा? ताई के हैप्पी बड्डे के दिन ताऊ की बेइज्जती खराब होगी। सो ताऊ की फ़रमाइश पर कुछ एकलाइना ,तारीख बदलने के कुछ मिनट पहले , पेश हैं। इस कामना के साथ कि ताई का मन ’उत्ते साला’ बना रहे जित्ती कि एकलाइना यहां हैं।

बकिया फ़िर!




  1. ऐसे विकसित होगा देश का नया और सही नेतृत्व: फ़िर नया और सही नेतृत्व पक्ष-विपक्ष की राजनीति करेंगे।


  2. 'टोकेनिज्म इंडस्ट्री' को भी मंदी ने धर दबोचा : रतीराम की चाय की दुकान पर


  3. मोशे फिर मुस्कुराएगा...: फ़िर सारे गम भूल जायेगा


  4. कौन रहा ओरीजिनल ठेलक? : कहीं आप ही तो नहीं


  5. आग मिले : तो खाना बने


  6. तुम बिन: ब्लाग लिखा न जाये


  7. नेताओं के साथ खड़े लोगों से पूछो साधो : कि वे कौन से टी.वी.चैनल से आये हैं?


  8. आज हमारा अवतार दिवस: इसीलिये पतिदेव ने विश किया और सुबह प्यारे बेटे ने प्यारी सी पप्पी दी।


  9. काम की बाते: पढ़ो और भूल जाओ


  10. क्या हमारी जिन्दगी का स्क्रीन प्ले नेता और आतंक वादियों के हाथ में है ?: नहीं भाई मीडिया का रोल भी दमदार है जी!


  11. अलग-अलग परिणाम :एक ही हादसे के


  12. इंडिया टीवी पर बहस क्यों....जब आप सभी बुद्धिमान है : हमें बुद्धिमान कहकर कौन सी दुश्मनी निभा रहे हो भाई!



  13. एक धुंधलाती हुई शाम की यादें : एक अंधेरी रात की गोद में सो गयीं


  14. पुलिस मुलजिम की पहचान के महत्वपूर्ण बिंदु को साबित क्यों नहीं कर पाती ? : उसका मन ही नहीं करता जी



  15. सरकारी नौकरी? न, नहीं करनी! : छठे वेतन आयोग के बाद भी?


  16. एक ब्लॉग टिप्पणी की आत्मकथा :ब्लागर मुझे देखकर बावला हो जाता है

Post Comment

Post Comment

11 टिप्‍पणियां:

  1. ताई के बर्थडे पर चर्चा पूरी हुई। मोशे मुस्कुराया। ठेले पर चाय का डिस्त्रिब्यूसन हुआ और चर्चा के ठेले को ठेला गया। बढिया चर्चा चाय की दुकान पर अभी जारी है...तो फिर, आफटर द ब्रेक

    उत्तर देंहटाएं
  2. ताई के बर्थडे पर रतीराम की चाय की दुकान पर तो खाना बने,ताऊ बोला तुम बिन: ब्लाग लिखा न जाये,
    अनुप जी धन्यवाद

    उत्तर देंहटाएं
  3. Vah bhai vaah..
    aaj aur poore 3 din baad fursat mili hai ki chain se baithkar blog par tipiya raha hun.. aur pahle aap hi hain,... :D

    jara mere aaj ke blog post ka bhi ek laina bata dijiye.. ;)

    उत्तर देंहटाएं
  4. शुक्ल जी फरमाईश पुरी करने के लिए धन्यवाद ! आपने तो १२ बजे के पहले आपका वादा पूरा कर दिया ! हम अभी रात को साढे बारह बजे कैंडिल लाईट डिनर ( ये नाम कुश ने ताई को बता दिया था दिन में ) ताई के साथ करके लौटे हैं और अब रात के दो बजे एक लाईना पढ़ कर सोने जारहे हैं ! हमको मालुम था की शुक्ल जी आज तो कम से कम फरमाइश जरुर पुरी करेंगे ! इसी लिए सिस्टम आन करके यहाँ आ गए ! शुभ रात्री !

    उत्तर देंहटाएं
  5. और आपका धन्यवाद की आपने हमारी बेइज्जती खराब होने से बचाली ! तहे दिल से शुक्रिया ! :)

    उत्तर देंहटाएं
  6. अरे वाहः , ताऊ की फ़रमाइश पूरी हुई..
    धन्य धन्य, प्रेमी जीव अनूप सुकुल को वतन के इन सज़ीले नौज़वानों का अभिनंदन !

    उत्तर देंहटाएं
  7. @PD
    हमारे एक दिन में चार चार पोस्ट आएँ तब भी लाईन में लगने नहीं पाते जी, ऐसा पूरे सप्ताह होता है,शिकायत भी नहीं ( चर्चाकारों में केवल अनूप जी ही को कह सकते हैं सो आपके बहाने एक दिन बोल दे पाए)।
    बाकी मंडली से गुस्ताखी माफ़।

    उत्तर देंहटाएं
  8. ताई के बर्थ डे की चर्चा भी शानदार रही | ताई को एक बार फ़िर हैप्पी बर्थ डे |

    उत्तर देंहटाएं
  9. यह उत्‍तर-कथा ताई को गिफ्ट है या ताऊ को ? एक कोशिश में दो खुश ।

    उत्तर देंहटाएं
  10. सरकारी नौकरी? न, नहीं करनी! : छठे वेतन आयोग के बाद भी?
    ---------
    मैं भी सोचता हूं, सरकारी नौकरी न छोड़ कर ठीक ही किया।

    उत्तर देंहटाएं

चिट्ठा चर्चा हिन्दी चिट्ठामंडल का अपना मंच है। कृपया अपनी प्रतिक्रिया देते समय इसका मान रखें। असभ्य भाषा व व्यक्तिगत आक्षेप करने वाली टिप्पणियाँ हटा दी जायेंगी।

नोट- चर्चा में अक्सर स्पैम टिप्पणियों की अधिकता से मोडरेशन लगाया जा सकता है और टिपण्णी प्रकशित होने में विलम्ब भी हो सकता है।

Google Analytics Alternative