मंगलवार, मार्च 10, 2009

बताओ भला बुरा काहे न मानें?


होली
कल की अपनी चर्चा में कविताजी ने समझाइस दी-सूचनापट्ट से कई सौ गुना अधिक बेहतर, सकारात्मक व सार्थक उपयोग इस मंच का होने में ही इसकी सार्थकता है।

आज होली है सो हम इस मंच का उपयोग आपको शुभकामनायें देने के लिये करे ले रहे हैं। ये जो ऊपर वाला फ़ोटो है न वो हमारा फोटो पाबलाजी ने खैंचा है। आपका भी शायद खैंचा हो उन्होंने। मन करे देखने का तो इहां देख लीजिये।

हम ये देख रहे हैं कि होली की आड़ में लोग अपनी सब ऐंड़ी-बैंड़ी हरकतें कर लेते हैं और बाद में पुछल्ला लगा देते हैं- बुरा न मानो होली है। ई भी कोई बात होती है जी? पहले बुरा मनवाओ और फ़िर कह जाओ बुरा न मानो होली। काहे बुरा न माने भाई। बुरा मानना हमारा अधिकार हैं। हम मानेंगे। का कल्लोगे?

अब देखिये कल समीरलाल बोले-

ज्ञानदत्त उठ घर से भागे, कहते भंग पचा ना पायें
फ़ुरसतिया तब दौड़े पीछे, टंगड़ी मार दिये गिरवायें

अब बताओ कौन इसका बुरा नहीं मानेगा? बताओ सबेरे-सबेरे ज्ञानजी को गिरवा दिये वो भी फ़ुरसतिया से टंगड़ी मार के। ये है असलियत समीरलाल की। बाद साधुवाद की करते हैं और एक्शन टंगड़ीवाद के। हाऊ सैड, हाऊ बैड! ज्ञानजी कहीं चोट तो नहीं लगी? :)

ज्ञानजी होली की आड़ में बहकने का प्रयास किये। पहले हौलट बनने का प्रयास किया फ़िर प्रॉमिस्कुअस (promiscuous – एक से अधिक को सेक्सुअल पार्टनर बनाने वाला) बिल्लू जैसा बनने के लिये हुड़कने लगे! जहां रीता भाभीजी ने यह देखा ब्लाग का नियंत्रण अपने हाथ में ले लिया और ज्ञानजी के सामने पति आचार संहिता पेश कर दी जिसका पालन करते हुये ज्ञानजी फ़िर से मंदी ,भरतलाल, गुझिया-पापड़ की दुनिया में लौट गये- होली मुबारक कहते हुये।

अगर आपके पास रिवाल्वर होता तो आप क्या करते? आपको भले न पता लेकिन डा.पूजा कहती हैं-मेरा आज भी मन करता है कि मेरे पास एक रिवोल्वर होता...इन लड़कों को कम से कम एक झापड़ मारने में डर तो नहीं लगता. भारतीय समाज में एक लड़की को किन-किन स्थितियों से गुजरना पड़ता है इसका जायजा पूजा की इस पोस्ट से लगता है।

अब फ़िलहाल मामला यहीं रुकता है। फ़िलहाल लेते हैं एक दफ़्तरी ब्रेक। दफ़्तर से लौटकर शाम को एकलाईना पेश करी जायेंगी। तब तक आप और दूसरे अच्छे-अच्छे ब्लाग देख लीजिये। शाम को आइयेगा इधर घूमते फ़िरते हुये। जमेगी चौपाल।

होली मुबारक आपको।

Post Comment

Post Comment

30 टिप्‍पणियां:

  1. भांग की पिनक में हैं क्या ? आज छुट्टी है -चर्चवा काहें अधूरा छोड़ के जा रहे हैं ? ऊ फोटुवा से कई बात साफ़ हुई गवा मरदे !

    उत्तर देंहटाएं
  2. चर्चा अधूरी नहीं भैये! ई आफ़िशियल ब्रेक लिया है। छुट्टी न है जी। दफ़्तर खुला है। अब जा रहे हैं। शाम को देखियेगा आगे की कहानी!

    उत्तर देंहटाएं
  3. फुरसतिया तो अपनी फोटु देख इतने खुश हो लिये कि चर्चा अधूरी छोड़ आफिस को भाग लिये सबको फोटु दिखाने के लिये।

    उत्तर देंहटाएं
  4. आपकी फोटो तो कमाल की भई हा हा हा हा रंगों के पर्व होली की आपको बहुत बहुत हार्दिक शुभकामना

    Regards

    उत्तर देंहटाएं
  5. हम तेरे दिल में रहते है- वाला फोटू तो बहुत खाटू है जी- बधाई। छोटी लेकिन चुटीली [चुटिया वाली नहीं] चर्चा :) आज ‘बुरा न मानो होली है’ की छूट का अंतिम दिन है तो बस यही कहेंगे-
    आज मीठी लगे है तेरी गाली रे..........
    ई विवेकजी के कम्पूटर्वा को का हुबा- अच्छा बहाना बना लिए चर्चा से बचने का!!! अरे भई उतर के आ टंकी से, होली की रौनक है धरती पे:)

    उत्तर देंहटाएं
  6. होली की रंगीन बधाईयां आपको देव

    उत्तर देंहटाएं
  7. क्या हीरोचित फोटो है! ऐसी फोटो के लिये देव भी तरसते होंगे! ऊर्वशी के दिल में बैठे पुरुरवा!

    उत्तर देंहटाएं
  8. फ़ोटू जमा। होली है,बुरा न मानो होली है।पूरे बलोग जगत को होली की रंग बिरंगी बधाई।

    उत्तर देंहटाएं
  9. होली के दिन दिवा स्वपन देखने में क्या हर्ज़ है..हसीना के दिल पर आपकी फोटो....हा हा हा हा हा ही ही ही ही ही ही. हो हो हो हो हो हो हो हो
    आपको होली की शुभकामनाएं.

    नीरज

    उत्तर देंहटाएं
  10. अरविन्द जी, आपकी बात और भाषा को देख हंसते हंसते बुरा हाल है और इस हाल में देखने वाले आपस में बात कर रहे हैं कि कुछ ज़्यादा हो गयी लगती है :-)

    अब देखिये ऑफिस से आकर अनूपजी क्या बताते हैं :-D

    उत्तर देंहटाएं
  11. हा हा हा , फ़ोटू चकाचक है जी, हम तो ये जानना चाह्ते हैं कि जैसे रीटा जी ने पति आचार संहिता जारी कर ज्ञान जी को गुझिया बनाने भेज दिया कहीं आप की पत्नी ने भी तो ये चित्र देख कर आप का दफ़्तर भी छुट्टी के दिन खुलवा दिया। क्या क्या पापड़ बेलने पड़ते हैं पत्नियों को, कविता जी आप सुन रही हैं न?…॥:)
    पाबला जी का धन्यवाद, अच्छी मौज ली उन्होंने। शाम की चिठ्ठाचर्चा का इंतजार है

    उत्तर देंहटाएं
  12. सर्वप्रथम आपको व चिठ्ठा परिवार को होली पर्व की हार्दिक शुभकामनाओ . फोटो में कन्या के सीने में जो आपकी फोटो लगी है वहां पंडित जी आप क्या कर रहे है शायद दूध मलाई का आनंद ले रहे है . हा हा हा . बुरा न मनो होली है .

    उत्तर देंहटाएं
  13. भई कमाल है!होली के हुडदंग में लोगों को भी न जाने कैसे कैसे ऊत्तपने सूझते हैं......)) बहुत बढिया चर्चा.एक लाईना की प्रतीक्षा रहेगी...होली की शुभकामनाऎं.......

    उत्तर देंहटाएं
  14. बहुत बढिया चर्चा.....रंगों के पर्व होली की आपको बहुत बहुत हार्दिक शुभकामना .

    उत्तर देंहटाएं
  15. पाबला जी के एलबम में तो बहुत ही फोटो दिखे - एक से एक शोख और रंगीन. पाबला जी को धन्यवाद ।
    होली की हार्दिक शुभकामनायें ।

    उत्तर देंहटाएं
  16. एक लेना का इंतज़ार है...पाबला जी का अल्बम देख के आये, बहुत मेहनत की है उन्होंने और एक से एक मजेदार फोटो है, दिल एकदम खुश हो गया वैसे खुश तो आपका भी हुआ होगा अपनी फोटो देख कर :) ...एक्शन टन्गड़ीवाद, वाह वाह क्या शब्द है. होली वाली चर्चा बड़ी अच्छी है.

    उत्तर देंहटाएं
  17. पाबला जी ने

    ब्‍लॉगरों के बहाने

    अच्‍छा चेहरा टांग

    प्रदर्शन कराया है

    ब्‍लॉगरों को
    कपड़ों पर

    बदन पर इहां तहां
    चिपकाया है

    कोई आपत्ति दर्ज करेगा

    तो जिसकी फोटो है

    उसी के नाम मढ़ देंगे



    अच्‍छा हुआ ...... ब्‍लॉगरों

    हम बच गए।

    उत्तर देंहटाएं
  18. कुश कहां हो एक अर्ज हैं तुमसे !!!! , अपने अगले इंटरव्यू मे उन सब पत्नियों का इंटरव्यू करो जिनके पति ब्लॉग लिखते हैं पर पत्नियों को computer से दूर रखते हैं . बड़ी इच्छा हैं उन पत्नियों से मिल कर जाने की इन तस्वीरो के बारे मे वो क्या सोचती हैं . !!!

    उत्तर देंहटाएं

  19. वाह क्या बात है.. ऎसी खुशनुमा होली...
    आनन्दम.. अपुन के लिये तो.. घोर आनंन्दम !
    और, हो..ली कह कर हैप्पिली निवृत हो लिये ?

    पर, अनूप जी ने अपने अघोषित एकलव्य को एक नायाब तोहफ़ा पब्लिकली दे ही दिया !
    थैंक तू सर, फ़ार योर हैप्पी होली विशेज़.. एण्ड फ़ार दिस कन्या !
    यह फ़ुरसतिया का परोपकारी चरित्र ही है..
    लड़की के सीने पर सवार हो मेरी ओर टकटकी लगवायें हैं,
    बगल में बियर.. और भंग से डेराय के पलायन करने वालों की ओर लात !
    आज तो आपको भाई कहने की हुड़क लग रही है..
    फ़ुरसतिया मूड में यह बाला.. सीने पर चढ़े बैठे आप.. नज़र मुझ निट्ठले पर.. लात कहाँ.. यह आप जानो
    कैसी रही.. अनूप भाई !

    उत्तर देंहटाएं
  20. @
    तरूण भाई,
    यह ऊर्वशी मेरी है.. आज बस देख भर लो !
    वह अपने पुरुरवा यानि मेरी ओर टकटकी है.
    दिल के ऊपरी कवर पर फ़ुरसतिया जी बैठे,
    चेले के प्रति प्रतिबद्धता बख़ूबी निभा रहे हैं !

    उत्तर देंहटाएं
  21. Very Interesting !!
    _______________________________________________
    होली के शुभ अवसर पर,
    उल्लास और उमंग से,
    हो आपका दिन रंगीन ...

    होली मुबारक !
    'शब्द सृजन की ओर' पर पढें- ''भारतीय संस्कृति में होली के विभिन्न रंग''

    उत्तर देंहटाएं
  22. जय हो होली की! आप बुरा मानें, तो मानें होली है! क्या कल्लोगे?

    उत्तर देंहटाएं
  23. जमे रहिए।

    और हाँ, जमाए भी रहिए।

    उत्तर देंहटाएं
  24. फोटो के बारे में तो नो कमेंट टाइप फीलिंग आ रही है.. पर करे क्या? आदत से लाचार है तो फोटू के लिए तो बस चकाचक कहेंगे..

    @रचना जी
    हमने लगा तो दी है आपकी अर्जी
    इंटरव्यू देना, नही देना उनके पति क़ी मर्ज़ी..

    उत्तर देंहटाएं
  25. अरे राम राम ई कौन सी बात हुई फ़ुरसतिया जी. ई किसके दिल मे बैठे हो आप? हमको तो जरा समझ मे नही आई सो हम तो पबलिक से पूछने जा रहे हैं.

    देखिये क्या रिजल्ट मिलता है?

    रामराम.

    उत्तर देंहटाएं
  26. ऐइसा बाबू!!! अब ऐसन फोटो सटाया जायेगा? गज़ब क्यूट टाईप कुछ माहौल बन गया है-आज तो ऑफिस गाड़ी के बदले फुदक फुदक के जायेंगे आप!! :)

    उत्तर देंहटाएं
  27. अरे इतनी बढ़िया फोटो!! हाय राम ...... बैठे वह भी फुर्सत से ????


    होली की शुभकामनाओं सहित !!

    उत्तर देंहटाएं

चिट्ठा चर्चा हिन्दी चिट्ठामंडल का अपना मंच है। कृपया अपनी प्रतिक्रिया देते समय इसका मान रखें। असभ्य भाषा व व्यक्तिगत आक्षेप करने वाली टिप्पणियाँ हटा दी जायेंगी।

नोट- चर्चा में अक्सर स्पैम टिप्पणियों की अधिकता से मोडरेशन लगाया जा सकता है और टिपण्णी प्रकशित होने में विलम्ब भी हो सकता है।

Google Analytics Alternative