शनिवार, मई 30, 2009

जो नृप होय, हमे ही मानी वर्ना याद दिला देंगे नानी

एक लाईना


  1. जो नृप होय, हमे ही मानी :वर्ना याद दिला देंगे नानी

  2. भाड़ में जाय तुम्हारी व्यस्तता : हम तो बिजी रहते हैं,व्यस्त कभी नहीं

  3. काश ब्लॉगजगत की महिलाए इनसे सीखे :इस बार चूक गये, अगली बार टांग टूटे तब बताना नटखट बच्चे

  4. तरही कविता, तरह-तरह की कविता:ऒं की तेरही ज्ञानजी के सौजन्य से संपन्न

  5. शुक्रिया जिंदगी :इत्ती फ़ार्मेलिटी! क्या लफ़ड़ा है जी?

  6. कौन कहता है मैं कहता हूं गजल : किसकी हिम्मत जो ’पजल’ को’गजल’ कहे

  7. जब पैरों तले धरती खिसक जाये!!:शास्त्रीजी का ब्लाग खोलके पढ़ने बैठ जायें !

  8. भगवान न करे बीबी के हाथ का "वैसा" गरम पराठा खाने की नौबत आये! :बीबी नहीं पास गरम पराठा खाने की लगाये आस

  9. फ्रीलांसर का दर्द:न जाने कोय

  10. भारत की अदालतों में लंबित मुकदमों की संख्या और बढ़ी : वकील साहब ब्लागिंग में जुटे हैं

  11. आई लव यू दद्दू .....!! सेम टू यू बुद्दू.....!! : वैसे ये बताओ क्या भाव चल रहे हैं कद्दू

  12. तरही कविता - मंदी के मारे उर्वशी और पुरुरवा : कोलकता के अर्थसलाहकार की शरण में

  13. पसन्द करना सीख लो : ताकि नापसन्द करने में आसानी रहे

  14. फूल और कांटे :गठबंधन के लिये मचल रहे हैं

  15. आज की कारस्तानियां :बस यही बचा है करने को?

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19 टिप्‍पणियां:

  1. kaa sir fursat mein bhee ek line.....magar maja poraa aayaa atthaarah puraan ke baraabar....

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  2. आज की कारस्तानियां - बस एक लाइना ही:)

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  3. गूऽऽऽड मार्निंग, चिट्ठाचर्चाऽ आऽ आऽ
    अब एकतीस वाली चर्चा पढ़वाओ ।

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  4. एक लाइना मजेदार हैं । धन्यवाद ।

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  5. मस्त मस्त. पर ज्ञानजी कौन सी यात्रा की शुभकामनाएं दे रहे हैं? बिना छुट्टी लिये ही चल दिये क्या?

    रामराम.

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  6. तलाश शुरू हो गई है और आप लोगो की कृपा रही तो ज़ल्द ही गर्मागर्म पराठे खाने पड़ सकते हैं।

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  7. यात्रा की शुभकामनायें?
    कहाँ जा रहे हैं, देव?

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  8. चिठ्ठा चर्चा में एकलाइना मेरी फेवरेट है और इस बार तो केवल वही है। क्‍या बात है। धन्‍यवाद अनूप जी।

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  9. अनूप शुक्ल के
    सौजन्य से शिवकुमार मिश्र का नया शग़ल जाना और माना भी , मनोरंजक है | वैस फुरसतिया ने किसी से दुश्मनी निकालने का अच्छा ( गुरु नहीं कहूँगा ) मंत्र बता दिया ; जिससे शत्रुता हो उसे शिष्य मानना ,मानना क्या पुकारना शुरू कर दे मानद [स्वयम्भू ] गुरुडम मिला नहीं कि वह तो गया गया ही ; वह और किसी से उखड़े या न उखड़े आप से आप के आस-पास होने सेतो उखड़ने ही लगेगा |

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  10. वैसे तरही कविता की तेरही मानाते , परोसी तहरी स्वादिष्ट ही लगी

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  11. bahut din baad ek laaina padhe...kya karein busy the ham bhi :D

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