बुधवार, जनवरी 03, 2007

मध्यान्हचर्चा दिंनाक : 03-01-2007

धृतराष्ट्र कुछ अनमने से लग रहे थे. संजय लैपटॉप पर आँखें गड़ाए बैठे थे. धृतराष्ट्र ने गहरी साँस छोड़ी...

धृतराष्ट्र : पता नहीं युगों बाद भी हम सभ्य हुए या नहीं... सरेआम हुए इस चीर हरण ने मुझे बेहद व्यथित किया है. साल की शर्मनाक शुरूआत. क्या निराश हो कर देश त्याग दें?

संजय : 120 करोड़ का देश है महाराज कौन कहाँ जाएगा? शर्मनाक घटना पर शर्मसार होना भी अच्छाई है. आशा ही जीवन है, देखिये श्रीशजी को आशा से ज्यादा बड़ा तोहफा मिला है, BSNL ने नए साल में ब्रॉडबैंड दरों में कमी की घोषणा की है.
यह बात और है की सागरजी की नजर में भारत की सबसे घटिया इण्टरनेट प्रदाता कंपनी अगर कोई है तो वो है, टाटाब्रोडबैण्ड उर्फ़ वी एस एन एल.

धृतराष्ट्र : जब तक अनुभव नहीं हो जाता श्रीश को खुश होने दो, तुम आगे बढ़ो.

संजय : जी, महाराज. इंटरनेट प्रदाताओं की तरह समाचार परोसने वालो सें भी नाखुश है, दर्शक. जहाँ निठल्ले तरूणजी को जी न्युज एकदम बकवास लगा, सुनीलजी समाचार चेनलो की विश्वसनीयता पर ही सवाल उठा रहे हैं.

धृतराष्ट्र : कविताएं की निष्पक्ष हो सकती है, अब कवियों को टटोलो.

संजय : जी महाराज. बेजीजी कह रही हैं तेरा साथ मिला तो रास्ते रोशन हुए.
रंजूजी की कलम कह रही है, तेरा शहज़ादा बस अब जल्दी ही तुझसे मिलने आएगा.
महाराज आप यह कार्टून देखें कि कैसे हव्वा का ब्लड प्रेशर क्यों घटता बढ़ता है, सुख-सागर से पांडवो के वन गमन की कथा सुने तथा अर्द्धकुम्भ में शामिल हो कर पवित्र स्नान करें. तब तक मैं होता हूँ लोग-आउट.

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2 टिप्‍पणियां:

  1. संजय जी, धृतराष्ट्र जी को बताएं कि BSNL तथा VSNL (Tata Broadband) अलग-अलग कंपनियाँ हैं।

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  2. आज काफी स्पलाई काहे घोटाले में पड़ गई. :)

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