शनिवार, फ़रवरी 14, 2009

ढाई आखर प्रेम का पढ़े सो पंडित होय

आज वी डे है यानि वैलेंटाईन डे, आज ये हमारी आखिरी चर्चा भी है, आज के बाद किसी और शनिच्चर को आना होगा। आज अपनी आखिरी चर्चा वैलेंटाईन दिवस की शुभकामनाओं के साथ समर्पित करके जा रहा हूँ उन बुजुर्गों को जिन्हें उनके बच्चों ने घर से निकाला हुआ है, जो किसी वृद्धा आश्रम में पड़े प्रेम को तरस रहे हैं। ये चर्चा समर्पित है उन मासूमों को भी जिनके सिर से माँ-बाप के प्यार का साया उठ गया है और वो अनाथाश्रमों में प्यार की बजाय दया पर जीने को विवश हैं। ये समर्पित है उन फौजियों को भी जिनके ज्यादातर त्यौहार बोर्डर में अपने परिवार के स्नेह और प्रेम से दूर अकेले मनते हैं।

अब थोड़ी चर्चा कर लेते हैं चिट्ठों की, एक लड़की किसी की बहिन होती है, किसी की बेटी होती है, किसी की बीबी होती है और होती है जननी। महिलाओं को सामाजिक मुश्किलों के अलावा भी कुछ अन्य मुश्किलों का सामना करना पड़ता है जिनमें एक है - ऐनीमिया, इसके बारे में कुछ बता रही हैं शुभदा।
प्रकृति ने महिलाओं को कुछ इस तरह बनाया है कि वे प्रायः खून की कमी से जूझती हैं, खासकर वे महिलाएँ, जो माँ बनने के दौर में हैं। इससे महिलाओं की काम करने की क्षमता घट जाती है और वे जल्दी थक जाती हैं। रक्तक्षीणता रोग प्रतिरोधक क्षमता को भी प्रभावित करती है। इस कारण वे रोगों से भी शीघ्र संक्रमित हो जाती हैं। एक जननी का स्वस्थ होना जरूरी है, क्योंकि उस पर एक नए जीवन को धरती पर लाने का जिम्मा है। रक्त प्रवाह हमारे शरीर की वह जीवनधारा है, जो सभी जरूरी पोषक पदार्थ लिए पूरे शरीर में चलती रहती है। यदि कोई स्त्री पहले ही आयरन की कमी झेल रही है तो उसका एनिमिया और अधिक हो जाएगा।
पूजा खुश और शायद सब को होना भी चाहिये क्योंकि खबर है कि सेने को लेने के देने पड़ गये, वैलेंटाईन का दिन है और सब तरफ प्यार ही प्यार की खबरें, पाकिस्तान मान गया, निठारी की पिटारी खुल गयी और बैंगलोर, मुझे बड़े अफसोस से कहना पड़ रहा है कि पूजा के पुराने आलेख के कहने पर जितनों ने भी बैंगलोर की टिकिट किसी विशेष कारण से करवायी होगी उनको मायूसी ही हाथ आयेगी। वैसे उनकी खुशी का आलम कुछ यूँ है -
तो आज बहुत बहुत दिनों बाद मैं सुबह सुबह अखबार देख कर अपने देश में रहने के लिए गौरवान्वित महसूस करती हूँ। इस दिन को इतना खूबसूरत बनाने के लिए बहुतों ने कार्य किया है...उन सबका हार्दिक धन्यवाद।
अगर अब आप भी अपने देश पर गौरवान्वित महसूस करने लगे हैं तो मेरी बात मानें और पप्पू ना बने, काफी समय से ये कहना चाहता था मुझे तो वक्त मिला नही लेकिन रंजन ने हमारे दिल की बात कह दी - पप्पू ना बने वोट दें

वाकई में ये आपका अधिकार है और उसका उपयोग जरूर करें, अगर आपने अभी तक अपने को वोटर लिस्ट में रजिस्टर नही करवाया है तो जागो रे की साईट पर जाकर भी आप ये कर सकते हैं।

प्रेम का त्यौहार हो और बच्चों का जिक्र ना हो, ऐसा भला हो सकता है वो भी सीमा सचदेव के रहते, वो बच्चों को सुना और दिखा रही है - हमको मन की शक्ति देना
जी हां कल प्रेम दिवस है और जिससे प्रेम करते है ,उसे उपहार देते हैं और उसकी हर खुशी की शुभ-कामना करते है , तो हम भी जिससे सबसे ज्यादा प्रेम करते हैं ,उनको हम भी उपहार देन्गे आपको पता है वो कौन हैं.....? जिन्हें हम खुद से भी ज्यादा प्यार करते हैं , जिन्हें देखकर हम बिल्कुल बच्चे बन जाते हैं और जिन्हें देखकर खूब भागने , दौडने , मस्ती करने और खूब सारा खेलने को मन करता है ......बिल्कुल ठीक समझे आप , वो हैं - आप लोग नन्हे-मुन्ने छोटे-छोटे ,प्यारे-प्यारे अपने परिवार से बाहर निकल हमें दुनिया मे कोई सबसे सुन्दर , सबसे प्यारा , सबसे कोमल , निर्मल , पावन अगर कुछ दिखता है तो वो हैं नन्हे-मुन्ने बच्चे , और इस प्रेम के दिवस पर हम आपको बस शुभ-कामनाएं ही दे सकते हैं , और ईश्वर से आपके उज्ज्वल भविष्य की कामना करते हुए क्यों न हम ईश्वर से प्रार्थना करें , सुनिए आपभी और प्रार्थना कीजिए हमारे साथ कि सभी बच्चों का जीवन सुखमय हो


अंत में चलते-चलते
आज दिल की बात वाले डा. अनुराग की शादी की सालगिरह है श्रीमान और श्रीमती दोनों को हमारी तरफ से बहुत बहुत शुभकामनायें।

वैसे हमने पहले भी ये सुझाव दिया था जाने से पहले एक बार फिर सोचने के लिये विचार उछाले जा रहे हैं कि दिनों दिन बड़ते चिट्ठों के मद्देनजर चिट्ठाचर्चा के स्वरूप में बदलाव बहुत जरूरी है, चाहे तो हिंदी चिट्ठों के लिये कोई नया या फिर चिट्ठा चर्चा को देसी पंडित जैसे फार्मेट में ढाला जाय तो बेहतर होगा।

चिट्ठाचर्चा से हमारा आखिरी सलाम, हमारे ब्लोगस में जो आते रहते हैं उनसे सप्ताहांत में मेल मुलाकात होती रहेगी। बाकि सभी अन्य लोगों को ढेरों शुभकामनायें, हंसते रहे, मुस्कुराते रहें आपस में प्यार बांटते रहें।

एक बार फिर हैप्पी वैलेंटाईन डे, प्यार के दिवस में प्यारी सी कामना आप लोगों का प्यार फले फुले और दिन दुगुनी रात चौगुनी तरक्की करे।

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30 टिप्‍पणियां:

  1. आखिरी चर्चा का अर्थ समझ नही आया तरुण जी ! कहीं आप भी तो जाने की बात नही कर रहे ?? अच्छी निष्पक्ष सोच बालों की बेहद कमी महसूस होती है यहाँ !
    जवाब के इंतज़ार में !

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  2. चर्चा तो अच्छी रही तरुण जी पर ये आप जाने की बात क्यों कर रहे हैं? अगर मेरा वोट काउंट करता है तो please ये प्रोग्राम स्थगित कर दें.

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  3. आज अपनी आखिरी चर्चा वैलेंटाईन दिवस की शुभकामनाओं के साथ समर्पित करके जा रहा हूँ उन बुजुर्गों को जिन्हें उनके बच्चों ने घर से निकाला हुआ है, जो किसी वृद्धा आश्रम में पड़े प्रेम को तरस रहे हैं। ये चर्चा समर्पित है उन मासूमों को भी जिनके सिर से माँ-बाप के प्यार का साया उठ गया है और वो अनाथाश्रमों में प्यार की बजाय दया पर जीने को विवश हैं। ये समर्पित है उन फौजियों को भी जिनके ज्यादातर त्यौहार बोर्डर में अपने परिवार के स्नेह और प्रेम से दूर अकेले मनते हैं।

    यह लिख कर तरुण जी आपने मेरे दिल की बात लिख दी है ...यही सही मायने में प्रेम दिवस मानने की रीत है ..अपने आस पास ही हम कुछ सार्थक कर के प्रेम की ज्योत जला सकते हैं ...

    डॉ अनुराग और उनकी श्रीमती जी को शादी की सालगिरह की बहुत बहुत बधाई ...और आपकी आखिरी चर्चा भी है, वाली बात समझ नही आई ..लिखते रहे आप यूँ ही यही कह सकते हैं

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  4. तरुण जी, चर्चा से भागना अच्छा नहीं। दिल करे तब पर रहिए यहीं। डाक्टर अनुराग और भाभी को शादी की सालगिरह मुबारक!

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  5. भाई ये आखिरी शब्द ही बुरा है. आप इस तरह क्युं जा रहे हैं? भाई कोई जरुरी काम नही हो तो रुक जाईये. यही अनुरोध है हमारा तो.

    श्रीमती और श्री डा. अनुराग को घणि बधाई.

    रामराम.

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  6. चर्चा खूब बढ़िया है।
    अनुराग जी को सपत्नीक वैवाहिक वर्षगँठ की अनन्त मंगलकामनाएँ।

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  7. प्यार कोई चर्चा का विषय नही है ....इसे महसूस किया जाता है ...रूह में उतारा जाता है.....हेपी वैलेंटाइन

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  8. डा. अनुराग कार्डियॉलॉजिस्ट (दिल वाले) डाक्टर हैं - यह जानकारी के लिये शुक्रिया। उन्हें शादी की सालगिरह पर बधाई।

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  9. ऎई तरूण भाई, हम तो मरते मरते भी मज़ाक नहीं छोड़ूँगा,
    बल्कि मज़ाक ही मज़ाक में मरूँगा, भी !
    तौन तनि ई बताते जाओ,
    कि आप जैसे ज्ञानी ध्यानी मेरठिया पुरूष ( यदि छद्म नाम नहीं है, तो ),
    हमलोगन का बे-आबरू करके किस दिशा को मुँह उठा लिये ?
    आप टँकी वाले क्लास के भी नहीं हो ।

    तो, यह मेरा आदेश है, कि आप बिना दस वर्ष की नोटिस दिये,
    यूँ अपनी मौज़ में नहीं जा सकते ।

    डा. अनुराग को हमारा परसन-अली मुबारक़वाद !

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  10. प्रकृति ने हमें केवल प्रेम के लिए यहाँ भेजा है. इसे किसी दायरे में नहीं बाधा जा सकता है. बस इसे सही तरीके से परिभाषित करने की आवश्यकता है. ***वैलेंटाइन डे की आप सभी को बहुत-बहुत बधाइयाँ***
    -----------------------------------
    'युवा' ब्लॉग पर आपकी अनुपम अभिव्यक्तियों का स्वागत है !!!

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  11. चर्चा सटीक और सार्थक है !
    श्रीमती और श्री डा. अनुराग को वैवाहिक वर्षगँठ की अनन्त मंगलकामनाएँ।

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  12. "चिट्ठाचर्चा से हमारा आखिरी सलाम"

    क्या मतलब है आप का? क्या चिट्ठाजगत के तमाम स्नेहीजनों के स्नेह को भुला कर आप कहीं भाग जाने की तो नहीं सोच रहे?

    कहां जायेंगे हम से बच कर !!

    सस्नेह -- शास्त्री

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  13. ठीक है आख़िरी सलाम कर लिया तो आगे से सलाम मत करियेगा। पर चिट्ठाचर्चा प्र तो आते रहिये। सलाम हम करते रहेंगे।

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  14. इस संवेदनापूर्ण चर्चा के लिये आभार, पर अंतिम नहीं ।

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  15. शुभकामनायें, हंसते रहे, मुस्कुराते रहें आपस में प्यार बांटते रहें।

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  16. श्रीमती और श्री डा. अनुराग को वैवाहिक वर्षगँठ की अनन्त मंगलकामनाएँ।

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  17. बहुत अच्‍छा ..... पर आखिरी क्‍यों ?

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  18. उन बुजुर्गों को जिन्हें उनके बच्चों ने घर से निकाला हुआ है, जो किसी वृद्धा आश्रम में पड़े प्रेम को तरस रहे हैं। ये चर्चा समर्पित है उन मासूमों को भी जिनके सिर से माँ-बाप के प्यार का साया उठ गया है और वो अनाथाश्रमों में प्यार की बजाय दया पर जीने को विवश हैं। ये समर्पित है उन फौजियों को भी जिनके ज्यादातर त्यौहार बोर्डर में अपने परिवार के स्नेह और प्रेम से दूर अकेले मनते हैं।
    आज की चर्चा को आपके इन शब्दों ने सार्थक कर दिया है......सराहनीय विचार और हम भी आपके इन शब्दों और भावनाओ मे आपके साथ हैं....

    Regards

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  19. डा. अनुराग जी आपको शादी की सालगिरह पर हमारी तरफ से बहुत बहुत शुभकामनायें।

    Regards

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  20. दिलवाले दम्पत्ति अनुरागजी को वर्षगांठ की बधाई। तरुणजी को अलविदा नहीं:)

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  21. आखिरी वाखिरी मत करिए... शनिचर नहीं पसंद कोई और दिन पकड़ लो दिन से बंधना पसंद नही तो बेदिन..बेवक्‍त करना। या महीने दो महीने की छुट्टी सही..फिर आकर जम जाना।

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  22. डॉ अनुराग और उनकी पत्नि को शादी की सालगिरह पर बहुत बहुत बधाई और हार्दिक शुभकामनाऐं.

    चिट्ठाचर्चा से हमारा आखिरी सलाम-काहे भई?? इत्ती बढ़िया तो लिख रहे हो, फिर क्या हुआ? जरा पुनः विचार करें.

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  23. श्रीमती और श्री डा. अनुराग को वैवाहिक वर्षगँठ की अनन्त मंगलकामनाएँ!!

    वलेंटाइन दे मनाने का अच्छा तरीका सुझाया आपने!!

    "चिट्ठाचर्चा से हमारा आखिरी सलाम"

    क्या मतलब है आप का?

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  24. श्रीमती और श्री डा. अनुराग को वैवाहिक वर्षगँठ की अनन्त मंगलकामनाएँ
    दुःख होता है कि एक के बाद नई भय्या अतिम सलाम न करे जी. आप तो अच्छी चर्चा करते है. पुनः विचार करे. प्लीज

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  25. पर वेलेंटाइन डे में तो कुल छै अक्षर हैं भाई!

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  26. चिट्ठाचर्चा से हमारा आखिरी सलाम,............इस बात की क्या ज़रूरत है ?

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  27. डॉ अनुराग और उनकी पत्नि को शादी की सालगिरह पर बहुत बहुत बधाई और हार्दिक शुभकामनाऐं.

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  28. डॉ अनुराग श्रीमती अनुराग जी को शादी की सालगिरह की बहुत बहुत बधाई!

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