रविवार, सितंबर 28, 2008

हौसलों की उड़ान क्या कहिये

बेटियां

  • आज बेटी दिवस है। दुनिया की सारी बेटियों को यह दिन मुबारक।


  • बेटियों के साथ आज ब्लागर अनिल सिंह का भी दिन है। अनिल को जन्मदिन मुबारक।


  • जन्मदिन तो आज लता जी का भी है। उनके स्वर कोकिला से स्वर साम्राज्ञी बनने के सफ़र की तमाम यादें साथी लोग साझा करेंगे। लताजी को जन्मदिन मुबारक। वे शतायु हों। इस मौके पर युनुस खान सुनवा रहे हैं लताजी से हुई उनकी टेलीवार्ता


  • कल दिल्ली में फ़िर धमाके हुये। फ़िर इस पर कुछ पोस्टें आयेंगी। क्रिया होगी तो न्यूटन जी की दुआ से प्रतिक्रिया भी होगी।


  • मुसलमान नवयुवक परेशान न हों वे मुकाबला करें इस हालात का। अफ़लातून जी ने ऐसा संदेश दिया है।


  • प्रख्यात गायक महेन्द्र कपूर नहीं रहे। उनको हमारी विनम्र श्रद्धांजलि। इस मौके पर पढ़िये अनीता कुमार जी की महेन्द्र कुमार के बारे में लिखी ये पोस्ट


  • बाकी ब्लाग्स के बारे में हम कुछ न बोलेंगे। ब्लाग अपनी दास्तां खुद सुना रहे हैं, सो न जाना सुनते-सुनते।


  • मेरी पसन्द


    सपनो की डोर पड़ी पलकों का पालना
    सो जा मेरी रानी मेरा कहना न टालना।

    पलको की ओट तोहे निंदिया पुकारे,
    देख रहे राह तेरी चन्दा सितारे,
    भोली-भाली बतियों का जादू न डालना,
    सो जा मेरी रानी मेरी कहना न टालना।

    जल्दी जो सोये और जल्दी जो जागे,
    जीवन की तौड़ पर सत्य रहे आगे,
    प्यारे है बच्चा मोहे कहना जो माने
    जुग-जुग जीवे झूले सोने का पालना।

    सपनो की डोर पड़ी पलकों का पालना,
    सो जा मेरी रानी मेरा कहना न टालना।

    फ़ुरसतिया से

    एक लाइना



    1. मुंहपिल्लई :करके ही माने पंचायतवाले


    2. चमड़ी : का ख्याल रखना चाहिये भाई



    3. तुम सजल करो मेरे नयनों को
      दो अश्रु धार बह जाने दो
      भर सकूं हृदय को भावों से
      ऐसा अतुलित तुम प्यार करो राहुल उपाध्याय


    4. अब दीवालिया हुया वाशिंगटन म्युचुअल :मतलब भैस पानी में गहरे उतरी


    5. रानी रूठेंगी अपना सुहाग लेंगी: कविता से बात नहीं बनी का!


    6. तुम भी पुण्य कमालो गांव वालो ! : हम इकल्ले महान न बनेंगे


    7. शहीदों की चिताओं पर लगेंगे हर वर्ष मेले...:वहां हाजमे का चूरन और मर्दानगी की दवा बिकेगी


    8. लैहमैन से ले मैन तक:लालच के साथ बेवकूफ़ी का गठबंधन


    9. अविनाश जी...महरौली में बम मैंने फोड़ा, शुक्र है आपका मोहल्ला बच गया ! :सिर्फ़ इसलिये कि आप हमारे साथी ब्लागर हैं


    10. A-Z एक विद्युत अभियंता की ज़बानी:याद रखने में निपट जायेंगी नानी



    11. बचपन के दिन भी क्या दिन थे : उनकी याद में ही ये बचपना है



    12. हौसलों की उड़ान क्या कहिये!
      छोटा सा आसमान क्या कहिये !!

      दर्द से कौन अजनबी है यहाँ!
      दर्द की दास्तान क्या कहिये।डा.अमर ज्योति



    13. इस्लाम ने भारत को क्या दिया: बड़े हिन्दू को एक अदद पोस्ट


    14. मैं इंस्पेक्टर शर्मा को नहीं जानता : क्योंकि वो प्रचार पसंद नहीं करते थे


    15. जुये का अड्डा या कुश्ती का अखाड़ा : जो चहिये वो मिलेगा अजित वडनेरकर के यहां


    16. दिखता है छपता क्यों नहीं :छपेगा तो संजीत का करेंगे?


    17. विवादास्पद " रेड कोरिडोर "- यानि नक्सलीओं का अभ्यारण :नेपाल से भारत तक फ़ैला है


    18. भ्रष्टाचार का पूल: डिनर द्विवेदी जी के सौजन्य से


    19. सब एक ही थाली के चट्टे-बट्टे :थैली में थे पहले सब , थैली किधर गयी?


    20. बेबस हिन्दुस्तान, जनता परेशान, बेखबर हुक्मरान :क्योंकि यह है इंडिया भाईजान



    21. हंस उड़ जायेगा अकेला: अकेला क्यों? क्या हंसिनी से उसकी पटती नहीं?



    22. शादी के जो अफ़साने हैं रंगीन बहुत हैं,
      लेकिन जो हक़ीक़तें हैं संगीन बहुत हैं,ऋतेश त्रिपाठी

    23. भूतनाथ की हिटलर की प्रेमिका से मुलाक़ात !: और मिलते ही बोली आई मिस यू माई डियर भूतनाथ!


    24. गुरु आखिर कौन होता है?:ई त ससुर गुरुऔ न बता पईहैं


    25. श्राद्ध और पंडितजी: दिन अब बस खतमै समझौ


    26. धमाकों के पीछे दहसतगर्द-सिमी अध्यक्ष : और अंबरीश कुमार


    27. मैं आभारी हूं मुशीरुल, अर्जुन, लालू और मुलायम का : उनके सहयोग के बिना ये पोस्ट न लिखी जा सकती थी


    28. याद आता है मुझको:तू लजाती, शर्माती और झिझकती थी


    29. शिक्षित भी गुलाम होते हैं: और बढ़िया/वफ़ादार गुलाम होते हैं


    30. थोड़ा कुछ अपने बारे में :बता लें फ़िर दिल और दिमाग खोलें



    31. जीएम फ़ूड:दाने दाने पर लिखा होगा बनाने वाले का नाम : खाने वाले कहेंगे हाय कैसे दिन आ गये हैं राम!


    32. किताबों की खुसर-फुसर… एक और क्षेपक: और ये पचासवीं पोस्ट हो गयी


    33. मेरे घर चलोगे: माँ ने रोशनदान में थोड़ी धूप छुपा रखी है तुम्हें दिखायेंगे


    34. कांच की बरनी और दो कप चाय : का जुगाड़ हमेशा होना चाहिये


    35. बस :बहुत हुआ यार...अब रोना बंद करो अझेल कर देते हो


    36. हिन्दी :बुजुर्ग भाषा है इसकी पेंशन के लिये अप्लाई करो भाई


    37. हिंदू या मुस्लिम : के अहसासात को मत छेडिये वर्ना बवाल हो जायेगा


    38. सुनी -सुनायी:सुनाने का मजा ही कुछ और है


    39. अब तो डर लगता है: इत्ते में ही डर गये मनोज बाजपेयी


    40. रघुकुल रीति सदा चली आई :पोस्ट पढ़े जो सो टिपिआई


    41. क्योंकि तू बेकसूर है: ये कम बड़ा कसूर है?


    42. ...लो फिर विस्‍फोट हो गया : चलो फ़टाफ़ट एक पोस्ट लिखें


    43. मेरा वतन मुझे याद आ रहा है: मुझसे मेरे ब्लाग पर बड़ी सी फ़ोटो लगवा रहा है


    44. धन्यवाद अफलातून भाई, मुस्लिम नौजवान जरूर ध्यान देंगे :बाकी लोगों के मतलब का ये नहीं है का?


    45. कोई बुद्ध तुम पैदा करो: तब कुछ मजा आये


    46. मोह : दरवाजे पर दस्तक देता रहता है


    47. आखिर हाई एलर्ट का क्या मतलब ? : मतलब यही है- हाई फ़ाई लोगों का शब्दों से फ़्लर्ट


    48. ज्यों की त्यों धर दीनी :पोस्टिया



    49. मन में हैं दस बीस : भाव जो शांत नहीं बैठने देते


    50. न्यूज चैनलों में काम करने वाली वो लड़कियां.... : इसे पढ़ेंगी तो जरूर टिपियायेंगी


    51. तुम दूर चली क्यों जाती हो :हमें एक कविता लिखनी पड़ती है


    52. उनकी तरफ़ से मैं माफ़ी मांगती हूँ.: आप महान हैं विनीता जी


    53. वक्त सड़क पर उतर आने का :ताकि सड़क पर जाम लगे, देश का काम लगे


    54. नाम खुरच कर क्या साबित किया ????:यही कि अगले के पास एक अदद ब्लेड भी है


    55. मुसलिम नौजवानों-’भागो मत , दुनिया को बदलो !’:ट्राई करो मजा आयेगा


    56. जंगल जंगल आग लगी है, देव उगे हैं: देव उगे हैं फ़सल कटे है


    57. किस्मत की बलिहारी भईया : मेहनतकश को भूख नसीब पर, खाए जुआरी माल-मलइया


    58. हाले अमेरिका के बाद हम भी जायें संभल :वर्ना हम भी डूबेंगे- आज नहीं तो कल


    59. विदेशी पिस्टल रखने पर शहाबुद्दीन को 10 साल की सजा : देशी चीजों की वकत करते तो ठाठ से घूमते


    60. हमारी दोस्ती में अमेरिका का लाभ है तो हर्ज क्या है? :वो अपना मौज करें हम अपना


    61. हर क्रिया की प्रतिक्रिया होती है :इसीलिये आजकल लोग प्रतिक्रिया करने के लिये क्रिया का भी इंतजाम करते हैं


    62. गूगल के विज्ञापन - हिन्दी वाले - थरथराहट :सुधर जाओ, सालों


    63. बार कैम्प 4 आ रहा है चिट्ठाकारों के लिए जानकारियों का खजाना लेकर :लूट लो जो होगा देखा जायेगा


    64. मैं जिंदगी से आँख चुराता चला गया, बस मौत को गले से लगाता चला गया. : इसे कहते हैं याराना


    65. 3000 हजार रुपये की चपत के लिये आभार दोस्तों!!:आभार की क्या बात आखिर में इसे झेलना हमी को है


    66. डिजिट ब्लॉग अब हिन्दी में:काफ़ी विचार और मान-मनौव्वल के बाद



    67. जन्मदिन एक है तो क्या भगत सिंह बन जाओगे? :बन भी गये तो का कल्लोगे ? निपटा दिये जाओगे, जमाना जरा अलग तरह का है



    68. कहां के पथिक :हो जरा गीत सुने जाव


    69. चांद की सैर : कार के टायरों के बगैर!


    70. काम छोड़ो-महान बनो :दुनिया के कामचोरों एक हो


    टिप्पणी"स्मोकिंग मार्क्सवाद की तरह है. युवावस्था में आपको इसका अनुभव करना चाहिए. लेकिन आप महामूर्ख होंगे अगर समय रहते इससे बाहर नहीं निकल आते."
    बाचीकरकरिया

    प्रतिटिप्पणी
    जिन लोगों ने मार्क्सवाद और धुम्रपान दोनों का ही अनुभव नहीं किया। उन का यह विशेषज्ञ विचार वैसा ही है जैसे बन्दर अदरख के बारे में दे।
    बेनामी

    और अंत में



    ज्यादा टाइम न खायेंगे जी आपका। हमें पता है कि आज इतवार है और आप मौज मजे के मूड में हैं। हमें भी जाना है आफ़िस। हां भैया आफ़िस इतवार को भी। इसलिये ताकि उत्पादन काम में कोई बाधा न आये छुट्टी आने के कारण। जैसे-जैसे त्योहारों की छुट्टियां आती हैं हमारे इतवारों की हवा निकल जाती है।

    कल चिट्ठाचर्चा करते हुये तरुण ने सुझाव दिया कि चिट्ठाचर्चा के स्वरूप में बदलाव होना चाहिये। इसपर कुछ प्रतिक्रियायें आयी हैं।

    कई लोगों ने अपनी-अपनी प्रतिक्रियायें दी हैं। लेकिन यह तय नहीं हो पाया कि आगे क्या किया जाये। और सुझाव आयें तो शायद मामला साफ़ हो।

    आज नये ब्लागरों के बारे में परिचय रह गया। और भी बहुत कुछ रह गया लेकिन वह फ़िर कभी।

    फ़िलहाल तो आप मौज करें। धांस कर या खांसकर। लेकिन मुस्कराते रहियेगा वर्ना गाल पर झुर्रियां पड़ जायेंगी। फ़िर न कहियेगा हमने बताया नहीं।

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    13 टिप्‍पणियां:

    1. कल दिल्ली में फ़िर धमाके हुये। फ़िर इस पर कुछ पोस्टें आयेंगी। क्रिया होगी तो न्यूटन जी की दुआ से प्रतिक्रिया भी होगी।

      एक लाईना तो क्या खुब कही आपने !! मजा आ गया आभार !!

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    2. ये प्रतिटिप्पणी वाले आपके लिए बेनामी होंगे, लेकिन हमारा साईटमीटर इनकी पूरी जानकारी दे रहा है. वैसे अंदाजा तो आप भी लगा ही सकते हैं. खैर, उसे छोड़ा जाए. बात ये है कि क्या केवल आग में जलने के बाद ही उसकी विभीषिका का अंदाजा लगाया जा सकता है? औरों के परिणाम से कुछ सबक नहीं लिया जा सकता? साबित हो चुका है कि दुनिया भर में (खास तौर पर भारत जैसे विकास शील देश में) प्रतिवर्ष होने वाली मौतों के एक बड़े प्रतिशत के जिम्मेदार तम्बाकू जन्य रोग हैं.

      आज का एक लाइना तो मैराथन रहा. रिकॉर्ड तोड़ ६७ प्रविष्टियाँ और सभी एकदम मस्त. मजा आ गया.

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    3. बढ़िया लिखा है आपने। रिकॉर्ड तोड़ ६७ प्रविष्टियाँ और सभी एकदम मस्त. मजा आ गया. सक्रियता बनाए रखें। शुभकामनाएं।
      www.gustakhimaaph.blogspot.com
      पर ताकझांक के लिए आमंत्रण स्वीकार करें।

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    4. .

      अभी न जाओ छोड़ कर, अभी ये दिल भरा नहीं ...

      हमारी वाली रानी का निकाल कर भी 66 जन बाकी हैं,
      पढ़े जाने को ! सो, हमहूँ निट्ठलई में बिज़ी हैं ।

      बाकी चिट्ठाचर्चा को व्यवसायिक हो जाना चाहिये,
      वरना अनूप की समाधि पर लगेंगे हर वर्ष मेले..
      बस अनूप ही न होंगे, गर होंगे तो ब्लागरों के ठेले

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    5. अनिल सिंह जी और लता मगेंशकर जी को हमारी तरफ़ से भी जन्म दिन की ढेर सारी शुभकामनाएं। 67 की मैराथान में हम भी स्थान पा गये, धन्य वाद, आभारी हुए। 67 के गाल की झुरीयों का तो आप ने इंतजाम कर दिया, वो सब मुस्कुराने की कसरत कर रहे हैं।
      आप की पसंदीदा कविता देखते ही आप की माता जी का स्वर जहन में गूंज उठा, बहुत सुंदर गाया था उन्हों ने वो गीत। कैसी हैं माता जी? आशा है स्वस्थ और प्रसन्न होगीं। बकिया डा अमर सही कह रहे है।

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    6. आज की चिठ्ठा चर्चा बेहद सुंदर बन पडी है ! बहुत धन्यवाद और
      शुभकामनाएं !

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    7. पुरी चर्चा पढ़ कर आनंद आ गया ! और एक लाइना के ऊपर आपकी
      की गई टिपणी का तो क्या कहना ! बधाई !

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    8. बहुत अच्‍छी चिट्ठा चर्चा है। एकलाइना पढ़कर तो मजा आ गया। एकलाइना लंबा रहे तो अच्‍छा ही है। अधिक से अधिक चिट्ठों की चर्चा हो जाती है और जायकेदार टिप्‍पणियों में भी इजाफा हो जाता है।

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    9. "3000 हजार रुपये की चपत के लिये आभार दोस्तों!!:आभार की क्या बात आखिर में इसे झेलना हमी को है "

      पहले से सूचना दे दी है. फिर मत कहना कि मालूम नहीं था!!

      आपने एक-लाईनाओं की संख्या बढा दी है. यह एक अच्छी बात है क्योंकि इससे काफी चिट्ठाकारों को प्रोत्साहन मिलेगा.

      प्रोत्साहन मिले तो लोग आसमान छू लेंगे -- और दुवायें देंगे आप को!!

      -- शास्त्री

      हिन्दी ही हिन्दुस्तान को एक सूत्र में पिरो सकती है
      http://www.Sarathi.info

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    10. आज आपने करीब सत्तर पोस्टों का हालृ-चाल जाना
      और बताया। किस किस की नब्ज़ पर हाथ धरे हैं आप ? इतनी बड़ी संख्या देखकर ही गश खा गया मैं तो। ग़जब की ऊर्जा है आपके पास....
      ईश्वर आपका भला करे...
      बहुत खूब...

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    11. आपका बहुत - बहुत धन्यवाद. मैंने हिन्दी में अभी चंद दिनों पहले ही लिखना शुरू किया है. पर आपके इस चिटठा चर्चा ने तो मेरा मन ही मोह लिया है. पहले आपने मेरे ब्लॉग को नए ब्लोग्गरों की सूची में डाला. फिर आज मैंने देखा कि आपने मेरी पोस्ट को 'एक लाईना' में जगह दी. वो भी पहले स्थान पे. उत्साहवर्धन के लिए बहुत - बहुत शुक्रिया. ये एकदम एक परिवार की तरह ही लगता है.

      पुन: शुक्रिया

      नीरज

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    12. सबसे पहले तो आपकी सेवाओ , आपकी उर्जा और आपके कार्य के लिए बधाई ! मेरा चिठ्ठा भी आपके चर्चा एक लेना में स्थान पा सका, मैं अभी हिन्दी ब्लागिंग में नवागत हूँ और लिखता नहीं अपितु आप लोगों को पढता अधिक हूँ .

      दरअसल "कुछ अपनी कुछ जग" की पोस्ट "हिन्दी ब्लागिंग और व्यवसायिकता की चिंता" एक प्रतिक्रियात्मक लेख था, जिसे मैंने उसी मूल स्वरुप में विचारार्थ पोस्ट कर दिया...आपने सही टिप दिया है कि "कुछ बता तो दिए होते..??" वैसे व्यवसायिकता के दृष्टिकोण से जो सफलता पूर्वक कुछ अर्जित कर पा रहे हैं उनके विचार अधिक महत्वपूर्ण हैं. मैं जहाँ तक सोचता हूँ कि ब्लागिंग शुरू करते ही लाभ अर्जन की सोच के साथ आने वाले लोग न तो निष्ठापूर्वक हिन्दी ब्लागिंग करते हैं न ही व्यवसायिक लेखन को बढ़ावा दे पाते हैं और बल्कि ऐसी नकारात्मकता के साथ चर्चा करके जो ब्लागर साथी गंभीरता लेखन कर रहें हैं, उन्हें हतोत्साहित अवश्य करते हैं.
      मैं तो अनवरत आसपास के माहौल से प्रेरणा लेते हुए हिन्दी लेखन में रत रहने की हिमायत कर रहा हूँ शेष तो...हो ही जाएगा .......अनूप भाई.

      आप सभी के विचार, सोच और सहयोग से हिन्दी ब्लागिंग से जुड़े प्रतिभाशाली ब्लागरस के लिए गौरव के दिन आने में अधिक देरी नहीं दिखता है.

      उत्तर देंहटाएं

    चिट्ठा चर्चा हिन्दी चिट्ठामंडल का अपना मंच है। कृपया अपनी प्रतिक्रिया देते समय इसका मान रखें। असभ्य भाषा व व्यक्तिगत आक्षेप करने वाली टिप्पणियाँ हटा दी जायेंगी।

    नोट- चर्चा में अक्सर स्पैम टिप्पणियों की अधिकता से मोडरेशन लगाया जा सकता है और टिपण्णी प्रकशित होने में विलम्ब भी हो सकता है।

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