बुधवार, अक्तूबर 08, 2008

आज की चर्चा बोलीवूड़ स्टाइल में.

ये हाथ हमका दे दे ठाकुर...

फिल्म शोले का कालजयी डाय्लोग आप सभी ने सुना होगा.. यही डाय्लोग हम अक्सर समीर जी से कहते रहते है.. की ये हाथ हमका दे दे ठाकुर जिनसे तू इतनी टिप्पणिया करता है.. वही टिपण्णी जिनसे स्टरग्लरो अर्थार्थ नये ब्लॉगरो को ब्रेक मिलता है..

आइए अब आगे बढ़ते है.. ले चलते है आपको ब्लॉगीवूड़ में.. क्या कहा? कौनसा ब्लॉगीवूड़? अजी जब होलीवुड हो सकता है बोलीवुड हो सकता है तो ब्लॉगीवूड़ क्यो नही..


आज की चर्चा करेंगे हम बोलीवूड़ स्टाइल में... तो फिर आज हम आपको ठीक उसी तरह चर्चा में ले जाएँगे जैसे स्टार प्लस के सीरियल 'क्योंकि सास भी कभी बहू थी' में घर की बहू तुलसी आपको अंदर ले जाती थी.. चाहे तो साथ में म्यूज़िक भी सुन सकते है..

टिंग टिंग टिंग तड़िंग तड़िंग तड़िंग टिंग टिंग...
(क्योंकि....... सा... स... भी... क.....भी... बहू थी.........)


अरे भाई अब अंदर आ गये है.. गाना बंद करो.. तो अब शुरू करते है चर्चा सबसे पहले देखते है ब्लॉगीवूड़ के ठाकुर क्या कर रहे है..

ब्लॉगीवूड़ के ठाकुर की एक माइक्रो पोस्ट..
चार थे वे। आइसक्रीम ले कर काउण्टर से ज्यादा दूर चल कर सीट तलाशने का आत्मविश्वास नहीं था उनमें। सबसे नजदीक की खाली दो की सीट पर चारों बैठे सहमी दृष्टि से आस-पास देखते आइस्क्रीम खा रहे थे।


अजय देवगन की एक फिल्म में रोल निभाने वाले ताऊ फँस गये भैंसो के चक्कर में.. कैसे आइए देखते है..
अब अफसर बोला -- मैं मेनका जी के एनजीओ से हूँ ! तुम भैंसों पर यानी जानवरों पर अत्याचार करते हो ! तुम जब ख़ुद रोटी सब्जी खाते हो तो भैंसों को भी बराबर के अधिकार से वो ही खिलाना चाहिए ! तुम्हारा दोष तुमने ख़ुद ही स्वीकार कर लिया है ! तुम्हारे ऊपर ये ५ हजार का जुरमाना लगा दिया है ! पकडो ये रसीद ! और वो अफसर ५ हजार लेके चला गया !


अनुराग ज़ी को मोगंबो ने कहा की खबरदार जो अपनी जगह से हिले तो! हालाँकि वो खुद तो नही हिले पर उन्होने नीतीश ज़ी को हिला दिया.. क्या कहा कैसे? आइए देखते है..


मौसम के बारे में तो आपको पता ही है की बोलीवुड की फ़िल्मो में एक गाने में कितने मौसम बदलते है पर एक पोस्ट में मौसम कैसे बदलते है आइये देखे


यह तो रही चर्चा आगे की बात कुछ यू है की हम चौकीदार को चाय पिलाके घुस गये ब्लॉगी वुड की फिल्म सिटी में.. और वहा चल रहे थे कुछ सीन.. आइए देखते है..


सीन 38
टेक 01
चिट्ठा चर्चा


माँ ! मैं आ गया माँ! देख मैं वापस आ गया और साथ में लाया हू... महमूद दरवेश की डायरी के अंश की अगली कड़ी

मेरे बच्चे तू आ तो गया.. पर बहुत देर हो चुकी है.. अफसोस, आंदोलनों का दौर खत्म हो चुका है..

क्या कहा माँ ? सच?

हा बेटा !

नहीईईईईईईईईईईईईईईई! तीन महीने बाद कहीं हवाखोरी…..करके आया था.. सोचा था दस्तावेज सुरक्षित सारे पढ़े होंगे, मगर......... काश की मुझे मौत आ जाए

नीरज: चाँद की बातें करो फालतू की बात क्यो करते हो..

कट इट

एक्सीलेंट नीरज भाई.. क्या शानदार शॉट दिया है.. इतनी बढ़िया ग़ज़लनुमा शॉट आप ही दे सकते हो.. वैसे अनुजा मैडम आपका शॉट भी बढ़िया रहा.. एक बात बताइए आप ऐसे एक्सप्रेशन लाती कहा से है चेहरे पर..
नीषू जी आपका काम देखकर तो मौत भी हैरान है..



तो दोस्तो आइए चलते है अगले सीन की तरफ..

सीन 48
टेक 12
चिट्ठा चर्चा


राम जी से डरो गब्बर! क्यो मासूमो का खून पीना चाहते हो?

अरे ओ संभा तस्वीर के भी ना जाने कितने पहलू है रे.. दशहरे का मेला और हमारी नींद सब छोड़कर हम लूटने आए है और ये कहते है राम ज़ी से डरो.. लगता है ये बुश के प्रेमी.. मुझ मर्यादा पुरुषोत्तम रावण! को जानते नही है.. इन्हे बताओ की डांडिया रास में डूबे म्युनिक निवासी के साथ हमने क्या किया था..

काफी अरसा पहले की बात है सरदार कुछ ठीक से याद नही..

कट इट

वाह क्या शॉट दिया है.. ये पिक्चर तो ज़रूर हिट होगी..

बाकी के सीन के साथ फिर मिलेंगे... तब तक के लिए हम वॅन टू का फॉर होते है..

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17 टिप्‍पणियां:

  1. बहुत बढ़िया अंदाज़ है कुश साहेब !

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  2. ये तो एकदम्मैं फ़िलिम वाला इस्टाइल मार दिया जी। हम जा रहे थे मेला देखने और इहां शूटिंग में अरझ गये। धांसू! इस्टाइल हो तो ऐसी।

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  3. एकदम नवीन रूप में आज की चर्चा रही, लेकिन एक लाइना !!

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  4. ये तो कमाल हो गया साब ! अंदाजा ही नही था की आप ये नया शब्द ब्लागीवूड बना डालोगे ?
    बहुत पसंद आई आपकी ये स्टाइल ! कमाल ! कमाल !! और सिर्फ़ कमाल !!!

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  5. गजब है भाई..मजा आ गया..हम कहेंगे कि यही है कुश भाई की असली स्‍टाइल।

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  6. आपकी स्टाइल को प्रणाम ! बहुत लाजवाब !

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  7. वाह! क्या शोले चमक रहे हैं इस पोस्ट में। बहुत सुन्दर। जगमग।

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  8. सत्यवचन!
    ब्लॊगीवुड की थियेटरचर्चा अच्छी है।

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  9. इस टिप्पणी को लेखक द्वारा हटा दिया गया है.

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  10. हमको न ये गुमान था ऐ कुश जी की कलम

    सहसा तू चिट्ठा चर्चा को बना डालेगी फिलम

    अन्दाजे बयाँ तेरा ये कमाल कर गया

    ब्लॉगीवुड का नाम भी धमाल कर गया

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  11. Blogywood !
    Aah,
    pape tushi great ho !
    There happened to be a Tragedy king, Comedy king etc.
    We own an Idea King at Blogywood,
    Sure to give a hit at comment BOX office.

    Carry along, but... at least twice a week !
    Aah, pape tushi great ho !

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  12. ब्लोगवुड क्या बात है हम इतना ही कहते हैं वेरी गुड वेरी गुड

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  13. छा गए बॉस।।
    ब्‍लॉगीवुड शब्‍द पर आपको पेटेंट दिया जाता है।

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